दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'Punjab 95' का विशेष प्रदर्शन जालंधर के गुरुद्वारे में
जालंधर के गुरुद्वारे में फिल्म का आयोजन
जालंधर के जीटीबी नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब में अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म **'Punjab 95'** का एक विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बताया कि इस फिल्म के माध्यम से पंजाब के ऐतिहासिक घटनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगत उपस्थित थी।
विशाल स्क्रीन पर फिल्म का प्रदर्शन
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने संगत के लिए एक बड़ी स्क्रीन पर फिल्म का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सिख जयकारों और गुरबाणी के पाठ से हुई। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को पंजाब के अतीत से जुड़ी घटनाओं की जानकारी देना है। उनका दावा है कि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद अब इसे विभिन्न गुरुद्वारों में दिखाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें।
कमेटी का दृष्टिकोण
प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि 1980 और 1990 के दशक की घटनाओं के बारे में नई पीढ़ी की जानकारी बहुत सीमित है। उनके अनुसार, मानवाधिकार कार्यकर्ता भाई जसवंत सिंह खालड़ा ने उस समय लावारिस शवों के रिकॉर्ड जुटाकर कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर करने का प्रयास किया था। कमेटी का कहना है कि फिल्म इन्हीं घटनाओं की पृष्ठभूमि को सामने लाने का प्रयास करती है और इतिहास को समझने का एक माध्यम है।
फिल्म पर उठे सवाल
कमेटी ने आरोप लगाया कि फिल्म को पहले नाम बदलने और फिर ओटीटी मंच से हटाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि इसी कारण अब इसे गुरुद्वारों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की मुहिम शुरू की गई है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान उठे सवालों पर कमेटी ने यह भी कहा कि भाई जसवंत सिंह खालड़ा का कार्य किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं था, बल्कि मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित था।
