मानसून अपडेट: 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट
बारिश से बढ़ी समस्याएं, 20 राज्यों में अलर्ट
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश में दस्तक दे दी है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में, जैसे दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में, अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार किया जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने आगामी दिनों में देशभर में अच्छी बारिश की संभावना जताई है।
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन की घटनाएं
जम्मू-कश्मीर में रामनगर-उधमपुर रोड पर कौघा के पास भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा और बड़े पत्थर आ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो गया है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से जेसीबी और उसके दो कर्मचारी नदी के तेज बहाव में फंस गए थे। एसडीआरएफ और जल पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित निकाला।
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ का असर
हिमाचल प्रदेश के लाहौल घाटी में चोखंग नाले के उफान से मूरिंग-नैनगार सड़क का लगभग 200 मीटर हिस्सा बह गया है, जिससे नीलकंठ झील यात्रा रोक दी गई है। रामपुर के गानवी खड्ड पर बना अस्थायी पुल भी बह गया है, जिससे कई पंचायतों का संपर्क टूट गया है। कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार के लिए 20 राज्यों में आंधी-बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा शामिल हैं। हवाओं की गति 61 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। अगले चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ेगा।
किसानों के लिए बारिश का महत्व
उत्तर भारत में धान की रोपाई करने वाले किसान बारिश और मानसून पर निर्भर रहते हैं। यदि जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश होती है, तो धान के उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद होती है। मानसून का भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है; यदि यह अच्छा होता है, तो यह अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक परिणाम लाता है।
