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26 जुलाई का मौसम पूर्वानुमान: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में बारिश की संभावना

26 जुलाई 2026 के लिए IMD ने मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है। देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून सक्रिय है, जिससे कई राज्यों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। जानें अन्य राज्यों का मौसम अपडेट और सावधानियों के बारे में।
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26 जुलाई के लिए IMD मौसम पूर्वानुमान


IMD मौसम पूर्वानुमान 26 जुलाई: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय है। कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि कुछ स्थानों पर उमस से लोग परेशान हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में हल्की से भारी बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़कें बाधित होने का खतरा बना हुआ है। आइए जानते हैं आज देशभर में मौसम कैसा रहेगा।


दिल्ली-एनसीआर का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दिल्ली-एनसीआर में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। राजधानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, रुक-रुक कर बौछारें और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। कुछ क्षेत्रों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।


हरियाणा और पंजाब का मौसम

हरियाणा और पंजाब में भी रविवार को मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी। दोनों राज्यों के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। विशेष रूप से अंबाला, करनाल, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, हिसार, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की अच्छी संभावना है।


हिमाचल और जम्मू में भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार सक्रिय मानसून के कारण स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। मौसम विभाग ने कई पर्वतीय जिलों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने, फ्लैश फ्लड, पहाड़ी नालों के उफान पर आने और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, जबकि जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है।


यूपी, एमपी और राजस्थान में बारिश

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के कारण तेज बारिश का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है।


पूर्वोत्तर में बारिश का सिलसिला

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई क्षेत्रों में भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी और नदी किनारे के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। IMD ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।