3 अगस्त 2026: दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान
IMD मौसम अपडेट
सावन के आगमन के साथ, भारत के विभिन्न हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में हल्की से लेकर भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अच्छी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी दी है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से राहत
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में सोमवार को बादल छाए रहेंगे और दिनभर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बारिश से उमस में कमी आएगी और लोगों को राहत मिलेगी।
हरियाणा और पंजाब में अलर्ट
हरियाणा और पंजाब के अधिकांश जिलों में मानसून सक्रिय रहेगा। चंडीगढ़, अंबाला, पंचकूला, करनाल, कुरुक्षेत्र, हिसार, गुरुग्राम, रोहतक, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला जैसे शहरों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने का खतरा भी है। बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे किसानों को खरीफ फसलों के लिए लाभ मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश में 3 अगस्त को कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, सोलन, सिरमौर और किन्नौर में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बाधित होने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश की संभावना
जम्मू-कश्मीर के जम्मू, राजौरी, पुंछ, रियासी, डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर और कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। लद्दाख में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
उत्तराखंड, यूपी, एमपी और राजस्थान में बारिश के आसार
उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना है। चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, आगरा और बरेली सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा, भरतपुर और अलवर में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर और सागर संभाग में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव और बस्तर क्षेत्र में भी मानसून सक्रिय रहेगा।
बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा का हाल
बिहार के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। झारखंड के रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर में भी बारिश का अनुमान है। ओडिशा के तटीय और आंतरिक जिलों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के मौसम की बात करें, तो मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित कोंकण क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। गुजरात के दक्षिणी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में छिटपुट वर्षा के आसार हैं। गोवा में भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रह सकती है।
दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में भी एक्टिव रहेगा मानसून
केरल और तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां सामान्य बनी रहेंगी। पूर्वोत्तर भारत की बात करें, तो असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में कई स्थानों पर हल्की से भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज वर्षा के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।
