80वें स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम् के नियम और महत्व
स्वतंत्रता दिवस की तैयारी
नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और अन्य संस्थानों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कई स्थानों पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् भी गाया जाएगा।
वंदे मातरम् का महत्व
इस संदर्भ में लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि वंदे मातरम् गाने के दौरान क्या नियम हैं, कितनी पंक्तियाँ गाई जाती हैं, और क्या इसे न गाने पर कोई कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
वंदे मातरम् का इतिहास
वंदे मातरम् भारत का राष्ट्रीय गीत है, जबकि जन गण मन राष्ट्रगान है। इसे प्रसिद्ध कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह उनके उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने देशभक्ति की भावना को जागृत किया।
24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसे जन गण मन के समान सम्मान देने की घोषणा की थी।
वंदे मातरम् के अंतरे
वंदे मातरम् में कितने अंतरे हैं?
वंदे मातरम् के मूल गीत में कुल छह अंतरे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में आमतौर पर पहले दो अंतरे गाए जाते हैं, जिनमें भारत की धरती, हरियाली, नदियों और मातृभूमि की सुंदरता का वर्णन किया गया है।
2026 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी प्रोटोकॉल में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों को गाने का उल्लेख किया गया है, और इसके बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा। पूरे गीत की अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है।
कार्यक्रम के दौरान क्या करें?
वंदे मातरम् के दौरान क्या करें?
यदि स्कूल, कॉलेज या कार्यालय में वंदे मातरम् गाया जा रहा है, तो कार्यक्रम के निर्देशों का पालन करें। आधिकारिक कार्यक्रम में सम्मानपूर्वक खड़े रहने का प्रोटोकॉल है। इस दौरान बातचीत, हंसी-मजाक, इधर-उधर घूमने या मोबाइल चलाने से बचना चाहिए। मोबाइल को साइलेंट पर रखना बेहतर है।
यदि आपको पूरे गीत के शब्द याद नहीं हैं, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। अपने शब्दों में बदलाव करने या इंटरनेट पर उपलब्ध गलत संस्करण को सही मानकर गाने से बचें।
क्या वंदे मातरम् न गाने पर सजा हो सकती है?
क्या वंदे मातरम् न गाने पर जेल हो सकती है?
वंदे मातरम् न गाने पर कोई निर्धारित आपराधिक सजा नहीं है। जनवरी 2026 में गृह मंत्रालय के प्रोटोकॉल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसे 25 मार्च 2026 को खारिज कर दिया गया। अदालत ने कहा कि गृह मंत्रालय का सर्कुलर सलाहकारी है और इसमें वंदे मातरम् न गाने पर कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं है।
इसलिए, 15 अगस्त के कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात राष्ट्रीय गीत और देश के प्रतीकों के प्रति सम्मान बनाए रखना है। कार्यक्रम के दौरान संस्थान द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें और बिना जानकारी के वंदे मातरम् के शब्दों या नियमों को लेकर अफवाहों पर भरोसा न करें।
