BCCI की समीक्षा बैठक में अजीत अगरकर की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
BCCI की समीक्षा बैठक का महत्व
BCCI समीक्षा बैठक: हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम का प्रदर्शन विदेशी दौरे पर निराशाजनक रहा है। टीम ने आयरलैंड के खिलाफ शर्मनाक क्लीन स्वीप का सामना किया और इंग्लैंड में लिमिटेड ओवर्स की दो सीरीज भी गंवा दी। इस संदर्भ में, BCCI ने गुरुवार को मुंबई में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के अलावा सभी संबंधित लोग उपस्थित थे।
इस बैठक में अजीत अगरकर की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि अगरकर बाहर थे, इसलिए वे बैठक में शामिल नहीं हो सके। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि बैठक मुंबई के मुख्यालय में थी, जहां अगरकर का निवास है। इस बीच, उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पहले यह माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाया जा सकता है, जबकि उनका मौजूदा कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, सैकिया ने कहा कि बैठक में अगरकर के कार्यकाल के विस्तार पर कोई चर्चा नहीं हुई।
दूसरी ओर, बीसीसीआई सचिव ने अगरकर की अनुपस्थिति को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह बैठक बहुत कम समय में बुलाई गई थी, और उस समय अगरकर मुंबई में मौजूद नहीं थे। टीम के प्रदर्शन पर समीक्षा बैठक में चीफ सिलेक्टर की अनुपस्थिति को लेकर यह स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं लगता। अब सवाल यह उठता है कि क्या बीसीसीआई ने अजीत अगरकर को हटा दिया है, जिस पर पिछले कुछ हफ्तों से चर्चा चल रही थी।
एक हिंदी समाचार पत्र ने रिपोर्ट किया था कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में समाप्त हो सकता है। पहले यह माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाया जाएगा। लेकिन इंग्लैंड दौरे पर रोहित के संन्यास की खबरों के बाद और बीसीसीआई सचिव द्वारा इनकार किए जाने के बाद, अगरकर की स्थिति और भी कठिन हो गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगरकर की जगह बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को नया चीफ सिलेक्टर नियुक्त किया जा सकता है। लक्ष्मण कई दौरों पर भारतीय टीम के हेड कोच के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अधिकारियों का मानना है कि लक्ष्मण की बातों को टीम में पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों द्वारा अधिक महत्व दिया जाएगा।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि भारत श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में जीत हासिल करता है, तो अगरकर का कार्यकाल बढ़ सकता है। खुद अगरकर भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक अपने पद पर बने रहने की इच्छा रखते हैं। सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई ने उन्हें कार्यकाल बढ़ाने का कोई आश्वासन नहीं दिया है। वहीं, कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से भारत की WTC फाइनल में पहुंचने की संभावना काफी कठिन हो गई है।
