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IIT प्लेसमेंट से पहले 22 कंपनियों पर लगा बैन, छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता

IIT में आगामी प्लेसमेंट सीजन से पहले 22 कंपनियों को बैन किया गया है, जिन्होंने छात्रों को नौकरी का ऑफर देने के बाद मुकरने का काम किया। इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। IIT गुवाहाटी में हुई AIPC की बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें प्रमुख टेक कंपनियों का नाम भी शामिल है। छात्रों के लिए बैकअप योजना के तहत 30% को नई नौकरियां मिल चुकी हैं। जानें इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी।
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IIT में प्लेसमेंट प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली: देश के प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) ने आगामी प्लेसमेंट सीजन से पहले एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 22 कंपनियों को, जो छात्रों को नौकरी का ऑफर देने के बाद मुकर गईं, अगले दो वर्षों के लिए कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। इन कंपनियों ने पिछले शैक्षणिक वर्ष में 2026 बैच के छात्रों को जॉब ऑफर दिए थे, लेकिन बाद में मंदी या आंतरिक कारणों का हवाला देकर उन्हें वापस ले लिया। इस स्थिति ने छात्रों को मानसिक और करियर संबंधी तनाव में डाल दिया, जिसे देखते हुए संस्थानों ने यह कठोर कदम उठाया है।


AIPC की बैठक में लिया गया निर्णय

IIT गुवाहाटी में AIPC की बैठक में लिया गया कड़ा फैसला
छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह निर्णय हाल ही में IIT गुवाहाटी में आयोजित ऑल IIT प्लेसमेंट कमेटी (AIPC) की बैठक में लिया गया। AIPC सभी 23 IIT परिसरों में प्लेसमेंट और इंटर्नशिप के दिशा-निर्देश तय करता है। हालांकि, इस पैनल ने इसे 'ब्लैकलिस्टिंग' के बजाय 'नॉन-कोऑपरेशन' के रूप में वर्गीकृत किया है। AIPC के समन्वयक और IIT गुवाहाटी के एसोसिएट प्रोफेसर जॉन जोस के अनुसार, इन 22 कंपनियों के कारण 23 IIT संस्थानों के 150 से अधिक ऑफर प्रभावित हुए हैं। कुछ कंपनियों ने तो 10 से 15 तक ऑफर रद्द कर दिए।


प्रभावित कंपनियों में प्रमुख नाम

दिग्गज टेक फर्म और स्टार्टअप्स पर गिरी गाज, ओरेकल का नाम भी चर्चा में
सूत्रों के अनुसार, प्रभावित कंपनियों में अमेरिकी टेक दिग्गज ओरेकल का नाम भी शामिल है, जिस पर दो साल के लिए असहयोग की कार्रवाई की गई है। कंपनी पर आरोप है कि उसने IIT छात्रों को दिए गए लगभग 40 ऑफर्स को पूरा नहीं किया। वैश्विक स्तर पर छंटनी का असर भारतीय कैंपस भर्तियों पर भी पड़ा है। इसके अलावा कई बड़े स्टार्टअप्स भी शामिल हैं, जिन्होंने मोटी सैलरी पैकेज का वादा किया था लेकिन समय पर छात्रों को ज्वाइनिंग नहीं दी।


छात्रों के लिए बैकअप योजना

प्रभावित छात्रों के लिए आगे आए संस्थान, 30% को मिली दूसरी नौकरियां
ऑफर रद्द होने से प्रभावित छात्रों के लिए IIT प्रशासन ने तुरंत बैकअप योजना शुरू की है। प्लेसमेंट दफ्तरों ने छात्रों के सीवी को अन्य रिक्रूटर्स और कॉर्पोरेट नेटवर्क में सर्कुलेट किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। अनुमान है कि लगभग 20 से 30 फीसदी छात्रों को वैकल्पिक माध्यमों और ऑफ-कैंपस ड्राइव के जरिए नई नौकरियां मिल चुकी हैं। IIT अधिकारियों का कहना है कि आगामी प्लेसमेंट सीजन में छात्रों के हितों की रक्षा के लिए नियमों को और कड़ा किया जाएगा ताकि कोई भी कंपनी रिक्रूटमेंट प्रक्रिया को हल्के में न ले सके।