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NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा: सुरक्षा के कड़े इंतजाम और नई सुविधाएं

NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा आज देशभर में आयोजित की जा रही है, जिसमें 22.79 लाख से अधिक छात्र भाग ले रहे हैं। यह परीक्षा पहले रद्द की गई थी, जिसके बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम के साथ इसे फिर से आयोजित किया जा रहा है। इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली गई है। परीक्षा के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं, जिसमें समय की अवधि बढ़ाई गई है। कई राज्यों में विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। छात्रों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
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NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा: सुरक्षा के कड़े इंतजाम और नई सुविधाएं

NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा का आयोजन


आज देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें 22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार भाग ले रहे हैं। यह परीक्षा पहले रद्द की गई थी, जिसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने इसे फिर से आयोजित करने का निर्णय लिया। परीक्षा के सुचारु संचालन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।


परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था

NTA के अनुसार, इस बार देश और विदेश के 564 शहरों में 5,400 से अधिक परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें भारत के 551 शहरों के साथ-साथ कुछ विदेशी शहर भी शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के लिए दो लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों और हजारों पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।


प्रश्नपत्रों की सुरक्षा

इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद से प्रश्नपत्रों को विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया गया। एयरफोर्स के विमानों और हेलिकॉप्टरों ने 200 से अधिक उड़ानें भरकर संवेदनशील सामग्री को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के प्रयासों का हिस्सा है।


परीक्षा के नियमों में बदलाव

री-एग्जाम के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। पहले जहां परीक्षा की अवधि 180 मिनट थी, वहीं अब छात्रों को 195 मिनट का समय दिया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। दिव्यांग उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय की सुविधा भी प्रदान की गई है।


विशेष सुविधाएं

अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए कई राज्यों ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए कूलिंग जोन बनाए गए हैं, जहां पीने के पानी और ORS जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मुफ्त बस सेवा और विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिससे छात्र आसानी से अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।


अफवाहों से सावधानी

NTA ने छात्रों और अभिभावकों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। एजेंसी का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी भ्रामक सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को अपनी तैयारी पर भरोसा रखते हुए शांत मन से परीक्षा देने की सलाह दी गई है।