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NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं बढ़ीं

NEET-UG 2026 परीक्षा के रद्द होने के बाद छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण हाल ही में तमिलनाडु और गुजरात में दो छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं। इस प्रकार की घटनाओं की संख्या अब लगभग 12 हो गई है, जिससे परीक्षा प्रणाली और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस मुद्दे के पीछे की वजह और छात्रों की चिंताओं के बारे में।
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NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं बढ़ीं

छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा के रद्द होने के बाद छात्रों पर मानसिक दबाव की चिंता बढ़ती जा रही है। हाल ही में तमिलनाडु और गुजरात से दो छात्रों की आत्महत्या की खबरें आई हैं, जिससे इस मामले में जान गंवाने वाले छात्रों की संख्या लगभग 12 हो गई है।


तमिलनाडु में छात्रा ने आत्महत्या की

कोयंबटूर में NEET की तैयारी कर रही 19 वर्षीय अनुकीर्तना ने बुधवार सुबह जहर खा लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसने अपने चाचा और करीबी रिश्तेदारों को व्हाट्सएप पर संदेश भेजे थे, जिसमें उसने लिखा कि NEET परीक्षा देने के बाद मेडिकल कॉलेज में दाखिले का इंतजार कर रही थी। परीक्षा रद्द होने के बाद उसे दोबारा परीक्षा देने का डर सताने लगा था। उसने यह भी कहा कि उसके पिता ने उसकी पढ़ाई पर काफी खर्च किया है और अब वह उनसे कैसे सामना करेगी, यह समझ नहीं पा रही थी। पुलिस ने उसके मोबाइल को जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।


अहमदाबाद में छात्र ने आत्महत्या की

अहमदाबाद के न्यू रानीप क्षेत्र में एक 17 वर्षीय छात्र ने बुधवार रात लगभग 2:30 बजे आनंदम फ्लैट्स की छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, वह भी NEET की तैयारी कर रहा था। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है।


परीक्षा रद्द होने के बाद से आत्महत्याओं की संख्या बढ़ी

इन घटनाओं से पहले, 16 जून को देहरादून में 23 वर्षीय रिया थापा और लखनऊ में 17 वर्षीय छात्रा की मौत की खबरें आई थीं। 12 मई को परीक्षा रद्द होने के बाद से देशभर में लगभग 12 छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसने परीक्षा प्रणाली और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं।


परीक्षा रद्द होने का कारण

NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख छात्रों ने भाग लिया था। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ छात्रों को पहले से पेपर मिलने के आरोप लगे। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों ने दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया। इस बीच, छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव की घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं।