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अगस्त में विमान ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि

अगस्त में विमान ईंधन की कीमतों में 12,300 रुपये प्रति किलोलीटर की वृद्धि हुई है, जो एयरलाइंस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। इस बढ़ोतरी के कारण एयर इंडिया और इंडिगो जैसी कंपनियों ने कई उड़ानों को निलंबित करने का निर्णय लिया है। बढ़ती लागत का असर हवाई किराए पर भी पड़ सकता है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि


तेल विपणन कंपनियों ने अगस्त महीने में विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में वृद्धि की है। देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, एक अगस्त से घरेलू उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमत में 12,300 रुपये प्रति किलोलीटर का इजाफा किया गया है।


हालांकि, विभिन्न स्थानों पर परिवहन लागत और अन्य कारणों से कीमतों में थोड़ा भिन्नता हो सकती है। यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी ने इस वर्ष एक अप्रैल के बाद से विमान ईंधन की कीमतों का अपडेट अपनी वेबसाइट पर देना बंद कर दिया है।


पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण अप्रैल से अंतरराष्ट्रीय बाजार में विमान ईंधन की कीमतों में तेजी आई है। जून के बाद कुछ राहत मिली है, लेकिन कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं।


विमान सेवा कंपनियों के कुल खर्च का 35 से 40 प्रतिशत इसी मद में होता है। बढ़ती लागत के चलते एयर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को निलंबित कर दिया है। इसी तरह, इंडिगो ने हाल ही में अपने वाइड-बॉडी विमानों का परिचालन बंद करने की घोषणा की है। ऐसे में विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि से विमान सेवा कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिसका असर हवाई किराए पर भी पड़ सकता है।