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अभिजीत दीपके के परिवार में शोक, दादी का निधन और हिरासत में अनिश्चितता

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार में शोक का माहौल है, क्योंकि उनकी दादी का निधन हो गया है। जबकि परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है, अभिजीत दीपके दिल्ली में पुलिस हिरासत में हैं। उनके दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना पर अनिश्चितता बनी हुई है। क्या वह अपने परिवार के साथ इस कठिन समय में रह पाएंगे? जानें पूरी कहानी में।
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परिवार पर दुखों का पहाड़

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में उनकी दादी का निधन हो गया है। परिवार शोक में डूबा है, लेकिन अभिजीत दीपके फिलहाल दिल्ली में पुलिस हिरासत में हैं। ऐसे में उनके दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने और पैतृक गांव पहुंचने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।


दिल्ली में प्रदर्शन के लिए आए थे दीपके

अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी थी। हालांकि, दिल्ली पहुंचने पर उन्हें एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई पर अभिजीत दीपके की मां ने नाराजगी जताते हुए पुलिस और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने दीपके के हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि, 'यह कौन सा न्याय है? देश के लिए काम करने वाले बच्चों को गिरफ्तार किया जा रहा है जबकि अपराध करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।' अभिजीत दीपके की मां ने कहा कि उन्हें पहले से ही डर था कि उनके बेटे को गिरफ्तार किया जा सकता है।


दादी की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी

बताया जा रहा है कि अभिजीत दीपके की दादी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। उन्होंने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से परिवार में शोक का माहौल है। दीपके के माता-पिता गांव पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं, जहां अंतिम संस्कार से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं।


अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनिश्चितता

दादी के निधन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अभिजीत दीपके को कब रिहा किया जाएगा और क्या वह अपने परिवार के बीच पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल हो पाएंगे। उनके परिवार और समर्थकों को उनकी रिहाई को लेकर स्पष्ट जानकारी का इंतजार है। फिलहाल, उनकी रिहाई के समय और गांव पहुंचने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में परिवार के लिए यह समय भावनात्मक रूप से बेहद कठिन बना हुआ है।