अमरनाथ यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां और मार्ग
अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ
अमरनाथ यात्रा 2026 का औपचारिक आरंभ गुरुवार को जम्मू से पहले जत्थे की विदाई के साथ हुआ। श्रद्धालुओं के बीच बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। श्रद्धालु 3 जुलाई से पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के लिए निकलेंगे। यह यात्रा 28 अगस्त तक कुल 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण, यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं की विस्तृत तैयारियां की गई हैं।
अलग-अलग अनुभव के लिए दो मार्ग
श्रद्धालुओं के लिए अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए दो मार्ग उपलब्ध हैं। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जिसकी कुल पैदल दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। यह मार्ग चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुजरता है। दूसरा मार्ग बालटाल है, जिसकी दूरी लगभग 14 किलोमीटर है। यह छोटा तो है, लेकिन इसकी खड़ी चढ़ाई इसे अधिक चुनौतीपूर्ण बनाती है।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का इंतजाम
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रमुख पड़ावों पर किराए के टेंट में ठहरने की व्यवस्था की गई है। विभिन्न सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन दोनों मार्गों पर मुफ्त लंगर, पेयजल और हल्के नाश्ते की सुविधा प्रदान करेंगे। स्वास्थ्य विभाग, सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल और अन्य संस्थाएं मेडिकल सेंटर, ऑक्सीजन बूथ, एंबुलेंस और आपात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। सामान रखने के लिए क्लॉक रूम भी बनाए गए हैं।
पंजीकरण के नियम
श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पंजीकरण करा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार श्रद्धालुओं का पंजीकरण संभव है। आवेदन जमा होने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा। पंजीकरण के लिए अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र आवश्यक होगा। ऑफलाइन पंजीकरण जम्मू के निर्धारित केंद्रों और देशभर में अधिकृत बैंक शाखाओं पर भी उपलब्ध रहेगा।
यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा नहीं
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी। प्रशासन ने 1 जुलाई से यात्रा समाप्त होने तक पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों को 'नो-फ्लाइंग जोन' घोषित किया है। जिन श्रद्धालुओं को पैदल चलने में कठिनाई होती है, उनके लिए तय स्थानों पर पोनी, खच्चर और पालकी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रा क्षेत्र में बीएसएनएल, जियो और एयरटेल की नेटवर्क सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
ट्रैफिक नियमों का पालन
यात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। श्रद्धालुओं और आम यात्रियों से निर्धारित समय का पालन करने की अपील की गई है। यात्रा के दौरान नवयुग सुरंग पर कुछ समय के लिए सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। कश्मीर से जम्मू जाने वाले वाहन सुबह 11:30 बजे से पहले सुरंग पार नहीं कर सकेंगे, जबकि जम्मू से कश्मीर की ओर जाने वाले वाहन दोपहर 3 बजे के बाद सुरंग में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। घाटी के कई अन्य प्रमुख मार्गों पर भी निर्धारित समय लागू रहेगा।
