अमेरिका ने गोल्डी बराड़ को 10 सबसे वांछित अपराधियों की सूची में शामिल किया
गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी के लिए 10 लाख डॉलर का इनाम
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 29 सितंबर: अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने सोमवार को कुख्यात अपराधी सतिंदरजीत सिंह, जिसे गोल्डी बराड़ के नाम से जाना जाता है, को अपने 10 सबसे वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल किया। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की घोषणा की गई है। एफबीआई ने बताया कि गोल्डी बराड़ लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा हुआ है, जो दक्षिणी कैलिफोर्निया और पूरे अमेरिका तथा कनाडा में कई हिंसक गतिविधियों में लिप्त है।
जांच एजेंसी ने चेतावनी दी है कि गोल्डी बराड़ एक खतरनाक अपराधी है, जो हथियारों के साथ रहता है और देश छोड़ने का जोखिम रखता है। एफबीआई के अनुसार, वह राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की हत्या, गोलीबारी, अपहरण, रंगदारी, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों में संलिप्त है।
अमेरिकी अटॉर्नी (फर्स्ट असिस्टेंट) बिल एसाइली ने कहा कि गोल्डी बराड़ का एफबीआई की 10 सबसे वांछित भगोड़ों की सूची में होना, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों पर कानून के शिकंजे को कसने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हम कनाडा, यूरोप और एशिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर गोल्डी बराड़ जैसे अपराधियों को पकड़ने का प्रयास जारी रखेंगे।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की उप आयुक्त लिसा मोरलैंड ने कहा कि गोल्डी बराड़ और उसके गिरोह ने कई हत्याएं, गोलीबारी, रंगदारी और मादक पदार्थों की तस्करी की है, जिससे कई जिंदगियां प्रभावित हुई हैं। लॉस एंजेलेस में एक संवाददाता सम्मेलन में मोरलैंड ने कहा कि यदि हमें उसकी वर्तमान लोकेशन का पता होता, तो हम यहां नहीं होते।
अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की अदालत ने 1 जुलाई को गोल्डी बराड़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर 'रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशंस' (आरआईसीओ) कानून के तहत आपराधिक साजिश, वसूली के जरिए कारोबार को प्रभावित करने और मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप लगाए गए हैं। गोल्डी बराड़ उन भगोड़ों में से एक है, जिनकी पहचान भारत से संचालित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ चलाए गए संघीय जांच 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के दौरान की गई थी।
अमेरिकी अधिकारियों ने जुलाई में ऐसे तीन समूहों से जुड़े 37 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए थे।
