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अमेरिका ने वीजा धोखाधड़ी के मामलों में Cognizant के आवेदन पर रोक लगाई

अमेरिका ने चेन्नई स्थित आईटी कंपनी Cognizant के विदेशी कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड के लिए स्थायी श्रम प्रमाणन आवेदनों पर रोक लगा दी है। यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन द्वारा वीजा धोखाधड़ी के मामलों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। अमेरिकी श्रम विभाग ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाएगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की वजहें।
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Cognizant पर ग्रीन कार्ड आवेदन में रोक

(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 9 सितंबर - अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत वीजा धोखाधड़ी के मामलों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के चलते चेन्नई स्थित आईटी कंपनी 'कॉग्निजेंट' के विदेशी कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड के लिए स्थायी श्रम प्रमाणन आवेदनों (पीईआरएम) पर रोक लगा दी है। यह प्रक्रिया अमेरिका में ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम मानी जाती है। अमेरिकी श्रम विभाग के महानिरीक्षक एंथनी डी’एस्पसीटो ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि उन्होंने 'कॉग्निजेंट' और 'क्लाउडेरा' के स्थायी श्रम प्रमाणन आवेदनों पर रोक लगाई है।


अमेरिकी श्रम विभाग की कार्रवाई

डी’एस्पोसिटो ने कहा, "अमेरिकी श्रमिकों के लिए किसी भी खतरे को सहन नहीं किया जाएगा।" उन्होंने बताया कि इन कंपनियों के खिलाफ जांच व्हाइट हाउस के धोखाधड़ी कार्य बल और अन्य अधिकारियों के सहयोग से की गई। 'पीईआरएम' एक प्रक्रिया है, जिसके तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देने और उनके ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले अमेरिकी श्रम विभाग से अनुमति लेती हैं। इस प्रक्रिया में नियोक्ताओं को यह साबित करना होता है कि संबंधित पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी श्रमिक उपलब्ध नहीं है और विदेशी श्रमिक की नियुक्ति से अमेरिकी श्रमिकों के वेतन या कार्य परिस्थितियों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।


ट्रंप प्रशासन की जांच

जुलाई में ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी और पीईआरएम रोजगार वीजा कार्यक्रमों में संभावित धोखाधड़ी के मामलों की व्यापक जांच शुरू की थी। 'कॉग्निजेंट' की स्थापना 1994 में चेन्नई में हुई थी, और वर्तमान में इसका मुख्यालय न्यू जर्सी के टीनेक में स्थित है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 30 जून तक 'कॉग्निजेंट' के लिए एच-1बी वीजा की 3,510 याचिकाओं को मंजूरी दी गई थी, जबकि 2020 में यह संख्या 9,413 थी।