अमेरिका में भारतीय छात्रों के लिए छात्र वीजा में भारी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए चिंताजनक आंकड़े
अमेरिका में अध्ययन और उसके बाद नौकरी की चाह रखने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों, विशेषकर भारतीयों, के लिए हाल के आंकड़े चिंताजनक हैं। सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (CIS) की एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में भारतीय छात्रों को दिए जाने वाले अमेरिकी छात्र वीजा (F-1 Visa) में 62 प्रतिशत की कमी आई है। इसके साथ ही, अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद अस्थायी रोजगार देने वाले 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) कार्यक्रम को समाप्त करने की सिफारिश की गई है.
छात्र वीजा में गिरावट का विश्लेषण
सीआईएस के वरिष्ठ कानूनी फेलो जॉर्ज फिशमैन द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में मई से अगस्त के बीच की अवधि को आधार बनाया गया है, क्योंकि इसी समय नए शैक्षणिक सत्र के लिए अधिकांश F-1 वीजा जारी होते हैं.
2024 में भारत के छात्रों को 58,694 छात्र वीजा जारी किए गए थे, जो 2025 में घटकर केवल 22,149 रह गए.
चीनी छात्रों की स्थिति
चीनी छात्रों के लिए भी वीजा में 34 प्रतिशत की कमी आई है। 2024 में उन्हें 61,075 वीजा मिले थे, जो 2025 में घटकर 40,034 रह गए.
OPT कार्यक्रम पर विचार
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में पढ़ रहे 10 लाख से अधिक विदेशी छात्रों में से 2,94,253 छात्र OPT कार्यक्रम के तहत काम कर रहे थे. इनमें से 49 प्रतिशत भारतीय और 21 प्रतिशत चीनी छात्र थे.
फिशमैन ने कहा, "मैं OPT कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत करता रहा हूं ताकि अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों के वेतन तथा रोजगार के अवसरों की रक्षा की जा सके."
OPT कार्यक्रम खत्म करने की आवश्यकता
फिशमैन का मानना है कि यदि OPT कार्यक्रम को बंद नहीं किया जाता है, तो भी भारत और चीन से आने वाले छात्रों की संख्या को सीमित करने से अमेरिकी कार्यबल पर प्रतिकूल प्रभाव कम होगा.
