अमेरिकी अदालत ने सलमान रुश्दी पर हमले के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया
सलमान रुश्दी पर हमले का मामला
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 30 जुलाई: अमेरिका की एक अदालत ने प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर 2022 में न्यूयॉर्क में हुए चाकू से हमले के मामले में एक अमेरिकी नागरिक को संघीय आतंकवाद से जुड़े आरोपों में दोषी पाया है। न्यू जर्सी के फेयरव्यू निवासी 28 वर्षीय हादी मतर को न्यूयॉर्क के बफेलो में संघीय न्यायाधीशों के पैनल ने घोषित विदेशी आतंकवादी संगठन हिज्बुल्ला को सहायता प्रदान करने के प्रयास, राष्ट्रीय सीमाओं से परे आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता और आतंकवादियों की मदद करने के आरोपों में दोषी ठहराया। अमेरिकी अटॉर्नी माइकल डीजियाकोमो ने कहा, “हालांकि हादी मतर अमेरिका में जन्मा और बड़ा हुआ, उसने ईरान के कट्टरपंथी नेताओं की विचारधारा को अपनाया, जो अक्सर हिंसा को बढ़ावा देते हैं और रुश्दी की हत्या का आह्वान करते रहे हैं।”
डीजियाकोमो ने बताया कि मतर ने सलमान रुश्दी की हत्या की योजना कई महीनों तक बनाई और इस हमले को अंजाम देकर उन तथाकथित ‘शहीदों’ के नक्शेकदम पर चलना चाहता था, जिन्हें वह अपना आदर्श मानता था। उन्होंने कहा, “हालांकि, उसका आतंकवादी हमला विफल रहा और साहसी नागरिकों तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तत्परता के कारण सलमान रुश्दी बच गए और मतर को गिरफ्तार कर लिया गया।”
मतर ने 12 अगस्त 2022 को रुश्दी पर हमला करने की कोशिश की थी। उसने रुश्दी के उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के कारण उनकी हत्या का आह्वान करने वाले फतवे को लागू करने के उद्देश्य से यह कृत्य किया था। राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए. आइजनबर्ग ने कहा, “मतर ने एक वर्ष से अधिक समय तक हिज्बुल्ला की हिंसक विचारधारा को अपनाए रखा और ईरान के अयातुल्लाओं द्वारा रुश्दी की हत्या के लिए जारी किए गए फतवे को अमल में लाने की तैयारी की।”
उन्होंने कहा, “एक शांतिपूर्ण व्याख्यान कार्यक्रम के दौरान रुश्दी पर उसका बर्बर हमला इस बात की भयावह याद दिलाता है कि ईरान प्रायोजित आतंकवाद की पहुंच कितनी व्यापक है। आज के फैसले के जरिए न्याय हुआ है और मतर को उसके अपराधों की सजा मिलेगी।”
संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के आतंकवाद-रोधी प्रभाग के सहायक निदेशक जैरोड ब्राउन ने कहा, “यह कोई आवेश में किया गया कृत्य नहीं था। मतर ने एक घोषित विदेशी आतंकवादी संगठन के समर्थन में हिंसक हमला किया और वह पीड़ित के खिलाफ जारी फतवे को अंजाम देना चाहता था।”
सरकार द्वारा अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के अनुसार, मतर ने फतवे और उसकी वैधता पर अध्ययन किया। इसके बाद उसने न्यूयॉर्क के मेविल स्थित शॉटोक्वा इंस्टीट्यूशन में रुश्दी के व्याख्यान के दौरान उस फतवे को लागू करने का निर्णय लिया।
हमले से पहले, मतर ने ईरान, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में मौजूद कुछ व्यक्तियों के साथ फतवे और हिज्बुल्ला के समर्थन पर चर्चा की थी। उसने ‘रुश्दी फतवा 2.0’ और ‘रुश्दी फतवा 1.6’ जैसे शीर्षकों वाले वीडियो भी बनाए थे, जिनमें फतवे से संबंधित वीडियो और 2006 में हिज्बुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला द्वारा फतवे के समर्थन का वीडियो शामिल था। हमले से पहले, मतर ने अपने आसपास हिज्बुल्ला के तथाकथित ‘शहीदों’ से जुड़े प्रतीक भी रखे थे।
वह ‘हसन मुगनियेह’ नाम का इस्तेमाल कर शॉटोक्वा इंस्टीट्यूशन पहुंचा था और उसके पास इसी नाम से बना एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस भी था। मतर के फर्जी नाम में हिज्बुल्ला नेता हसन नसरल्ला का पहला नाम और हिज्बुल्ला के बाह्य सुरक्षा संगठन के पूर्व प्रमुख इमाद मुगनियेह का उपनाम शामिल था। इमाद मुगनियेह कई आतंकवादी हमलों की योजना बनाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
हमले वाली सुबह, मतर ने हिज्बुल्ला द्वारा संचालित एक वेबसाइट देखी थी और अगस्त में मारे गए संगठन के तथाकथित ‘शहीदों’ की तस्वीरों के ‘स्क्रीनशॉट’ लिए थे। मुकदमे की सुनवाई करने वाले अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश रिचर्ड जे. अर्कारा तीन नवंबर को मतर को सजा सुनाएंगे। इस मामले में दोषी को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
