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असम में NEET-UG परीक्षा के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, मंत्री की बेटी भी शामिल

असम में NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें मंत्री केशव महंत की बेटी दिबिसा महंत भी शामिल थीं। प्रदर्शन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने छात्रों के अधिकारों का समर्थन किया, जबकि बाढ़ की स्थिति पर भी ध्यान देने की अपील की। यह मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
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गुवाहाटी में छात्रों का विरोध प्रदर्शन


गुवाहाटी: असम में NEET-UG परीक्षा में संभावित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया है। इस प्रदर्शन में राज्य के राजस्व मंत्री केशव महंत की बेटी, दिबिसा महंत, भी शामिल हुईं। गुरुवार को गुवाहाटी के चाचल क्षेत्र में आयोजित इस प्रदर्शन में उन्होंने छात्रों के साथ मार्च किया और केंद्र सरकार से परीक्षा में पारदर्शिता की मांग की। दिबिसा महंत प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ तख्तियां लिए नजर आईं। इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठी, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए गए। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है।


दिबिसा महंत की उपस्थिति इस मामले में विशेष महत्व रखती है, क्योंकि उनके पिता केशव महंत असम गण परिषद (एजीपी) के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। एजीपी भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा है, और केशव महंत लंबे समय से मंत्री पद पर हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े नेता के परिवार का इस तरह के विरोध प्रदर्शन में शामिल होना लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।




मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने यह भी बताया कि NEET से संबंधित मुद्दों पर केंद्र सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। हालांकि, सरमा ने लोगों से अपील की कि असम इस समय भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है, इसलिए सभी को राहत कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।


छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।