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असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, चार लोगों की मौत और 37,000 से अधिक प्रभावित

असम में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिसमें चार लोगों की मौत हो चुकी है और 37,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं। लखीमपुर जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। राहत कार्य जारी हैं, और प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। जानें इस संकट की पूरी जानकारी और राहत प्रयासों के बारे में।
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असम में बाढ़ का संकट

गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बाढ़ की पहली लहर में चार लोगों की जान जा चुकी है और छह जिलों में 37,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। पिछले 24 घंटों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है।


सोनितपुर में लापता व्यक्ति का शव मिला

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सोनितपुर जिले के चारिदुआर से लापता एक व्यक्ति का शव मंगलवार को बरामद किया गया। इससे पहले धेमाजी जिले में दो और चराइदेव जिले में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।


लखीमपुर जिला सबसे अधिक प्रभावित

सूत्रों के अनुसार, बाढ़ का पानी सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, जोरहाट और शिवसागर जिलों के 12 मंडलों और 99 गांवों में फैल चुका है। लखीमपुर जिले में 35,696 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि सोनितपुर में 1,178 और धेमाजी में 158 लोग प्रभावित हुए हैं। पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश और एनएचपीसी बांध से पानी छोड़ने के कारण सुबनसिरी नदी उफान पर है, जिससे माजुली-लखीमपुर सीमा के कई गांव जलमग्न हो गए हैं।


फसलें और बुनियादी ढांचे को नुकसान

बाढ़ के कारण संपत्ति और कृषि को भारी नुकसान हुआ है। लगभग 1,103.94 हेक्टेयर कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके अलावा, 16,139 से अधिक पालतू जानवर प्रभावित हुए हैं और दो मवेशी बह गए हैं। धेमाजी और जोनाई क्षेत्रों में सिमेन नदी पर बने पुल और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे रेल और सड़क संपर्क बाधित हो गया है। चारिदुआर क्षेत्र में जिया भराली नदी के तेज बहाव के कारण एक सुरक्षा तटबंध भी टूट गया है।


राहत और बचाव कार्य जारी

इन परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। आवश्यक खाद्य सामग्री और दवाएं बांटने के लिए 20 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने नावों के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 16 लोगों को सुरक्षित निकाला है। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और तेज बारिश की चेतावनी दी है, जिससे असम की प्रमुख नदियों का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।