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आज के पेट्रोल और डीजल के दाम: वैश्विक कीमतों का असर

आज के पेट्रोल और डीजल के दामों में स्थिरता देखी जा रही है, जबकि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बदलाव आया है। अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। भारत में, जहां 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात किया जाता है, उच्च वैश्विक कीमतों का असर महंगाई और घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है। जानें विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम और कीमतों में बदलाव के कारण।
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता


पेट्रोल डीजल की कीमतें आज: सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में मामूली बदलाव देखा गया, जो लगभग 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। हालिया अपडेट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार में भू-राजनीतिक अनिश्चितता का प्रभाव बना हुआ है। पिछले शुक्रवार को तेल की कीमतों में वृद्धि हुई थी।


अमेरिका की स्थिति और उसके प्रभाव

अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी को अनिश्चित काल तक जारी रखने की बात कही है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.7 प्रतिशत बढ़कर 88.52 डॉलर पर बंद हुई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 82.40 डॉलर पर रहा।


भारत पर संभावित प्रभाव

भारत अपनी आवश्यकताओं का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। यदि वैश्विक कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो आयात बिल में वृद्धि हो सकती है, जिससे महंगाई का दबाव भी बढ़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना भी बन सकती है।


17 अगस्त को पेट्रोल के दाम


  • दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर


  • कोलकाता में 113.43 रुपये


  • मुंबई में 111.12 रुपये


  • चेन्नई में 107.75 रुपये


  • हैदराबाद में 115.69 रुपये


  • बेंगलुरु में 110.93 रुपये प्रति लीटर



17 अगस्त को डीजल के दाम


  • दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर


  • कोलकाता में 99.78 रुपये


  • मुंबई में 97.78 रुपये


  • चेन्नई में 99.57 रुपये


  • हैदराबाद में 103.82 रुपये


  • बेंगलुरु में 98.79 रुपये प्रति लीटर



पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव के कारण

वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं, लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग मार्जिन, ढुलाई और वितरण खर्च, और रुपये की डॉलर के मुकाबले कीमत भी घरेलू कीमतों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार, अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता का प्रभाव भारतीय उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।