आठवें वेतन आयोग की चर्चा: कम्युटेड पेंशन में कटौती की अवधि कम करने की मांग
नई दिल्ली में केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आठवें वेतन आयोग से कई उम्मीदें हैं। वेतन में संशोधन के साथ-साथ रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन से संबंधित नियमों पर भी चर्चा चल रही है। इस बीच, कम्युटेड पेंशन की कटौती की अवधि को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग उठाई गई है। कर्मचारी संगठनों ने आयोग से मौजूदा व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और कटौती की अवधि को कम करने की सिफारिश की है।
कम्युटेड पेंशन का नियम क्या है?
कम्युटेड पेंशन के तहत, केंद्रीय कर्मचारी रिटायरमेंट के समय अपनी मूल पेंशन का अधिकतम 40 प्रतिशत एकमुश्त राशि के रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इसके बदले में, उनकी मासिक पेंशन से एक निश्चित राशि काटी जाती है। वर्तमान नियमों के अनुसार, यह कटौती 15 वर्षों तक जारी रहती है, जिसके बाद पेंशन का काटा गया हिस्सा पुनः बहाल किया जाता है।
15 साल की कटौती पर सवाल
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई एकमुश्त राशि की गणना लगभग 8 साल और 2 महीने की अवधि के आधार पर की जाती है। इसके बावजूद, पेंशन से कटौती 15 साल तक जारी रहती है। उनका तर्क है कि ब्याज सहित एकमुश्त दी गई राशि की भरपाई लगभग 11 से 12 साल में हो सकती है, इसलिए कटौती की अवधि को कम करने की आवश्यकता है।
100 रुपये के उदाहरण से समझें गणित
नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने इस मांग को स्पष्ट करने के लिए 100 रुपये की मासिक पेंशन का उदाहरण दिया है। इसमें 8.194 के कम्युटेशन फैक्टर का उपयोग किया गया है, जिसका अर्थ है कि पेंशन के काटे गए हिस्से के बदले लगभग 8 साल और 2 महीने के बराबर राशि एक साथ दी जाती है। इसी गणना के आधार पर कर्मचारी संगठन मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
15 साल तक कटौती का कारण
उदाहरण के अनुसार, यदि 61 वर्ष की आयु में कोई पेंशनभोगी अपनी मासिक पेंशन के 100 रुपये कम्युट करवाता है, तो उसे लगभग 9,833 रुपये एकमुश्त मिलते हैं। इसके बाद हर महीने पेंशन से 100 रुपये काटे जाते हैं। इस प्रकार, 10 वर्षों में कुल 12,000 रुपये की कटौती हो जाती है। कर्मचारी संगठनों का सवाल है कि जब इतनी अवधि में कटौती की राशि 12,000 रुपये तक पहुंच जाती है, तो पेंशन में कटौती 15 साल तक क्यों जारी रहनी चाहिए?
क्या पेंशनभोगियों को होगा लाभ?
कर्मचारी संगठनों ने आठवें वेतन आयोग से मांग की है कि कम्युटेड पेंशन की बहाली की अवधि 15 साल से घटाकर 10 से 12 साल की जाए। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो संबंधित पेंशनभोगियों को पहले की तुलना में जल्दी पूरी पेंशन मिलने लगेगी, जिससे रिटायरमेंट के बाद उनकी मासिक आमदनी में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, यह अभी केवल एक मांग है और आयोग ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
