आर. प्रज्ञानानंद ने नॉर्वे चेस खिताब जीतकर रचा इतिहास
आर. प्रज्ञानानंद की ऐतिहासिक जीत
आर. प्रज्ञानानंद ने नॉर्वे चेस का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ, वह नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। उनकी उत्कृष्ट रणनीति और अडिग धैर्य ने देश की शतरंज की विरासत में एक नया अध्याय जोड़ा है।
प्रज्ञानानंद ने 15 अंक के साथ फाइनल राउंड में प्रवेश किया, जबकि अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने 15.5 अंक के साथ पहले स्थान पर थे। खिताब जीतने के लिए, प्रज्ञानानंद को कीमर के खिलाफ एक शानदार जीत की आवश्यकता थी, साथ ही यह भी उम्मीद थी कि सो के अंक कम हों।
प्रज्ञानानंद ने 'क्वींस गैम्बिट डिक्लाइंड' चाल का उपयोग करते हुए बोर्ड पर अपनी स्थिति मजबूत की और किंग-साइड पर निर्णायक हमला किया। आक्रामक 'पॉन पुश' और प्रभावशाली 'नाइट चेक' जैसी चालों ने कीमर के किंग को कमजोर कर दिया, जिससे वह 'रूक एंडगेम' में जीत की स्थिति तक पहुँच गए। इस जीत के साथ उन्हें 3 महत्वपूर्ण अंक मिले।
इस बीच, अलीरेज़ा फ़िरोज़ा ने वेस्ली सो के साथ क्लासिकल ड्रॉ खेला। इन परिणामों के चलते प्रज्ञानानंद ने स्टैंडिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया और बिना किसी 'आर्मागेडन टाई-ब्रेक' के ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया।
इनाम की राशि
स्टावांगर में अपनी ऐतिहासिक जीत के लिए प्रज्ञानानंद ने 7,00,000 नॉर्वेजियन क्रोनर (NOK) का पुरस्कार जीता, जो भारतीय रुपये में लगभग 70.5 लाख रुपये के बराबर है। टूर्नामेंट का कुल पुरस्कार राशि 1.69 मिलियन NOK थी, जिसे छह बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच उनकी अंतिम रैंकिंग के आधार पर बांटा गया:
पहला स्थान: 700,000 NOK (~₹70.5 लाख) — आर. प्रज्ञानानंद
दूसरा स्थान: 350,000 NOK
तीसरा स्थान: 200,000 NOK
चौथा स्थान: 170,000 NOK
पांचवां स्थान: 150,000 NOK
छठा स्थान: 120,000 NOK
