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इंडोनेशिया में राष्ट्रपति की फोन टैपिंग की जांच के लिए 20,000 सैनिक तैनात

इंडोनेशिया में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की फोन टैपिंग की जांच के चलते 20,000 से अधिक सैनिकों की तैनाती की जा रही है। अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। जकार्ता में सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है, जिसमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी हिरासत में लिया गया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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जकार्ता में सुरक्षा बढ़ाई गई

जकार्ता, चार नवंबर (एपी) - इंडोनेशिया के राष्ट्रपति की कथित फोन टैपिंग की जांच के चलते, राजधानी जकार्ता में 20,000 से अधिक सैनिकों और कर्मियों की तैनाती की जा रही है। अधिकारियों ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की। राष्ट्रपति भवन ने बताया कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को लक्षित करके की गई फोन टैपिंग को 'देशद्रोह' माना जा सकता है, क्योंकि इससे संवेदनशील जानकारी लीक होने का खतरा है, जो देश और उसके नेतृत्व के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकती है।


इस मामले में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, उनमें राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल लिस्ट्यो सिगिट प्राबोवो भी शामिल हैं। आरोप है कि मंत्रिमंडल के सदस्यों, राजनेताओं, पत्रकारों और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों की भी फोन टैपिंग की गई। इस संदर्भ में राजधानी में हजारों सैनिकों की तैनाती की गई है। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह तैनाती फोन टैपिंग की जांच से संबंधित है या नहीं।


सैनिकों की तैनाती का पहला चरण सोमवार को शुरू हुआ, जिसमें जकार्ता में 2,100 जवानों को तैनात किया गया। नौसेना संचालन सहायक, वाइस एडमिरल यायान सोफियान के अनुसार, राजधानी के बाहर से सैनिकों को लाने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होनी थी, जिससे कुल कर्मियों की संख्या 20,980 हो जाएगी। इंडोनेशियाई सशस्त्र बलों के प्रवक्ता मेजर जनरल मुहम्मद नस ने कहा कि सैनिकों की यह आवाजाही राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है।


राज्य सचिवालय मंत्री प्रासेत्यो हादी ने बुधवार को जकार्ता में राष्ट्रपति भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रपति की फोन टैपिंग से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। इंडोनेशियाई पुलिस ने मंगलवार रात को बताया कि उसने इस मामले में तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हिरासत में लिया है।