इंदौर की अनिका शर्मा के इलाज के लिए हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका
अनिका शर्मा का इलाज अब हाईकोर्ट में
इंदौर की एक छोटी बच्ची, अनिका शर्मा, जो स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 से ग्रसित है, के इलाज की कोशिशें अब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय तक पहुंच गई हैं। इस बीमारी के इलाज के लिए अत्यधिक महंगे इंजेक्शन की आवश्यकता है। परिवार ने विभिन्न स्रोतों से धन जुटाने की कोशिश की है, लेकिन अभी भी पूरी राशि इकट्ठा नहीं हो पाई है।
SMA टाइप-2 का प्रभाव
अनिका SMA टाइप-2 से पीड़ित है, जो एक गंभीर आनुवंशिक स्थिति है। इस बीमारी में मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होती जाती हैं, जिससे मरीज की सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ता है। अनिका के इलाज के लिए विदेश से विशेष इंजेक्शन की आवश्यकता है, जिसकी कीमत परिवार की आर्थिक स्थिति से कहीं अधिक है।
9.55 करोड़ रुपये का इलाज
अनिका के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शन की लागत लगभग 9 करोड़ 55 लाख रुपये है। इतनी बड़ी राशि जुटाना परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। फिर भी, माता-पिता ने उम्मीद नहीं छोड़ी और विभिन्न माध्यमों से सहायता की अपील की।
सामाजिक सहयोग से मिली मदद
परिवार की अपील का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आम जनता, सामाजिक संगठनों और अन्य सहयोगियों से लगभग 8 करोड़ रुपये की मदद मिल चुकी है। यह राशि परिवार के लिए एक बड़ी राहत है, लेकिन अभी भी लगभग 1 करोड़ रुपये की कमी है।
सरकारी सहायता अपर्याप्त
केंद्र सरकार की रेयर डिजीज नीति के तहत अनिका को 50 लाख रुपये की सहायता मिली है। हालांकि, यह राशि इंजेक्शन की कुल लागत के मुकाबले बहुत कम है। अब परिवार की उम्मीद अदालत और सरकारों पर टिकी हुई है।
हाईकोर्ट ने मांगा धन जुटाने का विवरण
मामले की सुनवाई के दौरान, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अब तक जुटाई गई धनराशि का पूरा विवरण मांगा है। अदालत ने निर्देश दिया है कि किन संस्थाओं और माध्यमों से धन प्राप्त हुआ, इसकी जानकारी शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत की जाए।
सरकारों से समाधान की अपेक्षा
हाईकोर्ट ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के अधिवक्ताओं से मामले को विशेष परिस्थिति मानकर व्यावहारिक समाधान खोजने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान, जीवन की रक्षा को राज्य की जिम्मेदारी बताते हुए गंभीर दुर्लभ बीमारियों के मामलों में सहायता सीमा से आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अगली सुनवाई की तारीख
मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। उस दिन केंद्र और राज्य सरकार को बताना होगा कि अनिका के इलाज के लिए बची राशि की व्यवस्था कैसे की जा सकती है। परिवार को उम्मीद है कि अदालत की पहल से इलाज का रास्ता जल्द साफ होगा।
