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उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: वैश्विक व्यापार का नया मंच

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा। इस बार 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और नवाचार को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बताया है। इस वर्ष की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ' है, जिसमें 27 से अधिक क्षेत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निवेशकों और खरीदारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं।
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उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन


उत्तर प्रदेश में वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इस आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की और इसे प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार और निर्यात सामर्थ्य को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बताया। इस वर्ष ट्रेड शो की थीम "यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स" रखी गई है।


इस आयोजन में 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, 2400 से अधिक प्रदर्शकों, डेढ़ लाख से अधिक बी2बी खरीदारों और साढ़े चार लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।


इसके अलावा, 4000 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू), 3200 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश समझौतों और 13,500 करोड़ रुपये से अधिक की व्यावसायिक पूछताछ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन संस्करणों में ट्रेड शो ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों और उद्योगों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "मेक इन इंडिया" और "मेक फॉर द वर्ल्ड" के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने वाला एक वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने देश और विदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ अधिकाधिक निवेशकों और खरीदारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


बैठक में बताया गया कि इस बार एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), एक जिला एक शिल्प (ओडीओसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि, पर्यटन, स्टार्टअप, अक्षय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, चमड़ा, हस्तशिल्प, खादी, फर्नीचर और लॉजिस्टिक्स सहित 27 से अधिक क्षेत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्त, ई-कॉमर्स, वैश्विक मुक्त व्यापार समझौतों, खाद्य प्रसंस्करण, सड़क सुरक्षा और नई श्रम संहिताओं जैसे विषयों पर ज्ञान सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही शास्त्रीय संगीत, कथक, लोकनृत्य, लोकगायन, भजन और ग़ज़ल जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करने पर बल दिया।


उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने के लिए भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय बढ़ाने, उद्यमी मित्रों की तैनाती, विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता तथा आगंतुकों की सुविधा के लिए विद्युत बसों के संचालन की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफिक, पार्किंग, सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी।


बैठक में मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में बीवीजी समूह, टीसीएस और हीरानंदानी समूह ने रुचि दिखाई है। अब तक 19 जिलों में लगभग 1320 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है और पहले चरण में 17 केंद्र विकसित किए जाएंगे।


योजना के तहत प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने तथा 80 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।