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उत्तर प्रदेश में MLC चुनाव के लिए वोटर लिस्ट में अजीब नामों का खुलासा

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए वोटर लिस्ट में अजीबोगरीब नामों का खुलासा हुआ है, जिससे निर्वाचन आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन नामों में 'मूर्खचंद' और 'टक्कर मारना' जैसे नाम शामिल हैं। भाजपा ने भी डुप्लीकेट वोटरों को हटाने की मांग की है। जानें पूरी कहानी और निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया के बारे में।
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प्रयागराज में वोटर लिस्ट में फर्जी नामों की पहचान

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों के मतदान से पहले वोटर लिस्ट में कुछ अजीब और हास्यास्पद नामों का खुलासा हुआ है। इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज ये विचित्र नाम बुधवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद भारत निर्वाचन आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी। आयोग ने झांसी के मंडलायुक्त से गुरुवार दोपहर तक इस मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है।


सोशल मीडिया पर वायरल हुए अजीब नाम

पिता का नाम 'मूर्खचंद' और वोटर 'टक्कर मारना'
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस सूची में कई नाम ऐसे हैं जो स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़े और लापरवाही को दर्शाते हैं। सूची के भाग संख्या 81 में वोटर नरेंद्र यादव के पिता का नाम 'बीकॉम' दर्ज है। वहीं, भाग संख्या 15 में वोटर का नाम 'मोहम्मद पागल रेहान', भाग संख्या 189 में 'मूर्ख काली देवी', और भाग संख्या 69 में वोटर और पिता दोनों का नाम 'टक्कर मारना' लिखा गया है। एक अन्य नाम में वोटर का नाम 'राम ने यादव को मारा' और पिता का नाम 'मूर्ख चंद यादव' पाया गया।


निर्वाचन आयोग की त्वरित कार्रवाई

आधी रात को जागा निर्वाचन आयोग
मतदाता सूची में 'इरफान अली ने कहा', 'फैज अब्बास ने कहा' जैसे नामों के सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने आधी रात को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बयान जारी किया। आयोग ने झांसी के मंडलायुक्त को तुरंत जांच का आदेश दिया है। मतदान शुक्रवार को होना है, इसलिए प्रशासन को कुछ घंटों में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है।


भाजपा का आरोप: डुप्लीकेट वोटरों की संख्या

भाजपा ने उठाई मांग
भारतीय जनता पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी और प्रयागराज के डीएम को ज्ञापन सौंपकर बोगस और डुप्लीकेट वोटरों को हटाने की मांग की है। भाजपा के नेताओं ने दावा किया कि सूची में 4,397 डुप्लीकेट नाम हैं, जिनमें से 3,163 मतदाता अकेले प्रयागराज से हैं। इसके अलावा, स्नातक चुनाव के लिए 24 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा का उल्लंघन करते हुए 2002 के बाद जन्मे युवाओं के नाम भी जोड़े गए हैं। डीएम ने शिकायतों की गहन जांच के आदेश दिए हैं।