उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ के मामले में गिरफ्तारी, जोगा सिंह का नेटवर्क जांच में
चंडीगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
चंडीगढ़: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पुलिस ने सीमा सुरक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में कार्रवाई करते हुए जोगा सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि वह 'वारिस पंजाब दे' संगठन से जुड़ा हुआ था और भारत-नेपाल सीमा के माध्यम से अवैध घुसपैठ में सहायता कर रहा था। उसके पास से नकद राशि, कई पहचान पत्र और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके संभावित नेटवर्क और संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।
विशेष अभियान के तहत गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, शनिवार को रुपईडीहा थाना पुलिस ने विशेष अभियान के दौरान जोगा सिंह को पकड़ा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार मिश्र, अपराध निरीक्षक गणेश तिवारी, उपनिरीक्षक सर्वेश चंद और कांस्टेबल सोविंद्र यादव शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस ने पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र में भी छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
दस्तावेजों की बरामदगी
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी के पास से ₹31,000 नकद, पांच आधार कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, दो पैन कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस अब इन दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था और इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका क्या है।
जोगा सिंह का पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, 66 वर्षीय जोगा सिंह मूल रूप से पंजाब के लुधियाना का निवासी है। वह हाल ही में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र में रह रहा था। अधिकारियों ने बताया कि उसके खिलाफ पंजाब के होशियारपुर जिले के मेहतियाना थाने में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके आधार पर उससे पूछताछ की जा रही है।
जांच का दायरा बढ़ा
जांच एजेंसियां इस मामले को केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं मान रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसियां राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और नेपाल तक फैले संभावित नेटवर्क, स्लीपर सेल और सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं। भारत-नेपाल की खुली सीमा के दुरुपयोग की आशंका को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
नए सुरागों की तलाश
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आप्रवास एवं विदेशी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर नए खुलासे हो सकते हैं, और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
