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उत्तर प्रदेश में कैंसर उपचार की नई सुविधाओं का निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान का निरीक्षण करते हुए अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कैंसर उपचार की नई सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने डिजिटल पीईटी-सीटी स्कैनर, साइबरनाइफ और टोमोथेरेपी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के महत्व पर जोर दिया। इन सुविधाओं के शुरू होने से कैंसर रोगियों को उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध उपचार मिलने की उम्मीद है।
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लखनऊ में कैंसर संस्थान का निरीक्षण

उत्तर प्रदेश में कैंसर उपचार की नई सुविधाओं का निरीक्षण


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अमित कुमार घोष ने सोमवार को कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान (केएसएसएससीआई) का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव नेहा शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। संस्थान के निदेशक और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और कैंसर उपचार की अत्याधुनिक सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।


निरीक्षण के दौरान, अपर मुख्य सचिव ने न्यूक्लियर मेडिसिन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, साइबरनाइफ सिस्टम, ट्रूबीम लिनियर एक्सीलरेटर, ब्रैकीथेरेपी, सीटी सिम्युलेटर, ट्रीटमेंट प्लानिंग रूम और निर्माणाधीन टोमोथेरेपी परियोजना का अवलोकन किया।


डिजिटल पीईटी-सीटी स्कैनर की महत्वपूर्ण भूमिका

संस्थान के निदेशक ने बताया कि डिजिटल पीईटी-सीटी स्कैनर कैंसर की सटीक पहचान और उपचार की प्रभावशीलता का आकलन करने में महत्वपूर्ण होगा। इसके नियमित संचालन के लिए न्यूक्लियर मेडिसिन फिजिशियन, टेक्नोलॉजिस्ट और रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर की आवश्यकता है। 2 जून 2026 को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत निविदा जारी की गई थी, और प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एक सप्ताह में कार्यादेश जारी होने की उम्मीद है।


साइबरनाइफ और टोमोथेरेपी की प्रगति

निरीक्षण के दौरान साइबरनाइफ रोबोटिक रेडियोसर्जरी सिस्टम का भी अवलोकन किया गया। निदेशक ने बताया कि इस परियोजना का टर्नकी कार्य 12 मई 2026 को पूरा हो चुका है और एईआरबी से क्लीनिकल स्वीकृति मिलने के बाद मरीजों का उपचार शुरू किया जाएगा। यह प्रणाली स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी और स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी।


अपर मुख्य सचिव ने बताया कि दोनों ट्रूबीम लिनियर एक्सीलरेटर का उपयोग प्रतिदिन 140 से 150 कैंसर मरीजों के उपचार में किया जा रहा है।


टोमोथेरेपी मशीन और ब्रैकीथेरेपी सेवाएं

संस्थान के निर्माणाधीन टोमोथेरेपी बंकर का निरीक्षण करते हुए निदेशक ने बताया कि टोमोथेरेपी मशीन की आपूर्ति 13 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से जटिल कैंसर मामलों के लिए अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध होगा।


ब्रैकीथेरेपी सिस्टम का भी निरीक्षण किया गया, जिसके लिए एईआरबी से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त हो चुका है। यह तकनीक कैंसर के उपचार में आंतरिक रेडिएशन थेरेपी को अधिक सटीक बनाएगी।


आधुनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली

अपर मुख्य सचिव ने सीटी सिम्युलेटर और ट्रीटमेंट प्लानिंग रूम का निरीक्षण किया और मरीज-विशिष्ट रेडियोथेरेपी योजना की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।


निरीक्षण के अंत में, अमित कुमार घोष और सचिव चिकित्सा शिक्षा ने संस्थान में उपलब्ध आधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधाओं के प्रभावी संचालन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के शुरू होने से उत्तर प्रदेश में कैंसर रोगियों को उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध उपचार मिलेगा।