उत्तरकाशी में इनोवा कार दुर्घटना: गंगा में गिरी, चार की मौत
उत्तरकाशी में सड़क हादसा
उत्तरकाशी सड़क हादसा: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गुरुवार की सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। गंगोत्री नेशनल हाईवे (NH-108) पर गंगनानी के निकट एक इनोवा कार बेकाबू होकर गहरी खाई में गिर गई और गंगा नदी में समा गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), प्रशासन और 108 एंबुलेंस सेवा की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मेहनत के बाद नदी के किनारे से चार शव बरामद किए हैं। अन्य यात्रियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे का विवरण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना गुरुवार सुबह गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के पास धारा कुंड से लगभग 20 मीटर आगे डबरानी की ओर हुई। बताया गया है कि इनोवा कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गई। इसके बाद वाहन नदी में गिर गया। हादसे की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और SDRF की टीमों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। राहत एवं बचाव दल ने नदी के किनारे और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू किया।
यात्रियों की संख्या की पुष्टि नहीं
हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल ने नदी किनारे से चार शव बरामद किए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन में कुल कितने लोग सवार थे। यात्रियों की संख्या और लापता लोगों की जानकारी प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी। इनोवा कार में सवार यात्री गुजरात के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में मदद की। घायल व्यक्ति को सड़क तक पहुंचाकर अस्पताल भेजने की जानकारी भी सामने आई है। प्रशासन मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में जुटा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए SDRF, उत्तरकाशी पुलिस, जिला प्रशासन और आपातकालीन चिकित्सा टीमों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। नदी का तेज बहाव और घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति बचाव कार्य में चुनौतियाँ पैदा कर रही हैं। रेस्क्यू टीमें नदी किनारे और आसपास के संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही अन्य यात्रियों की स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच भी की जा रही है।
