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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

उत्तराखंड के सचिवालय में मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में प्रदेश को पूर्णतः साक्षर घोषित करने, उपनल कर्मचारियों को समान वेतन देने, और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल खंडूरी और शूटर जसपाल राणा को श्रद्धांजलि दी गई। जानें कैबिनेट के अन्य निर्णयों के बारे में।
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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक

उत्तराखंड: आज सचिवालय में मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत में शोक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी. खंडूरी और प्रसिद्ध शूटर पद्म श्री अवॉर्डी जसपाल राणा को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।




धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय


  1. उत्तराखंड संस्कृत नियमावली 2026 में संशोधन को मंज़ूरी दी गई।
  2. सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले कोलतार की कमी के कारण टेंडर अनुबंध की अवधि बढ़ाई गई।
  3. उत्तराखंड को पूर्णतः साक्षर घोषित करने के लिए कैबिनेट ने मंज़ूरी दी।
  4. आबकारी नियमावली में संशोधन किया गया, जिसमें वेट और सेस पर लगने वाले दोहरे टैक्स को समाप्त किया गया।
  5. कृषि विभाग में सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई में परफ्यूम की जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।
  6. पर्यटन विभाग द्वारा हिमालय कार रैली के आयोजन को मंज़ूरी दी गई, जिसमें 25 देशों के लोग भाग लेंगे।
  7. उपनल के कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का निर्णय लिया गया।
  8. कारगार नियमावली में अभ्यस्त अपराधी की परिभाषा निर्धारित की गई।
  9. सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए विभाग में पदों की संख्या बढ़ाई गई।
  10. राज्य आंदोलनकारियों को हाल में हुई भर्तियों में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
  11. चारधाम यात्रा में उपयोग होने वाले पशुओं के लिए सरकार 20 फीसदी धनराशि प्रदान करेगी, जिसमें कुल 1 करोड़ खर्च होगा।
  12. पशुपालन विभाग ने कृत्रिम गर्भधारण की योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तहत मंजूरी दी।


उपनल के सभी कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा। धामी कैबिनेट ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है, जो कि उपनल कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी।