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ऊर्जा राज्य मंत्री ने पीवीवीएनएल की समीक्षा की, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने पीवीवीएनएल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जाए। मंत्री ने बिजली चोरी रोकने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और उपभोक्ता संतोष को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में 14 जिलों के अधिकारी शामिल हुए और पीवीवीएनएल ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की रेटिंग में सुधार किया है। मंत्री ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने और शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता पर भी जोर दिया।
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पीवीवीएनएल की कार्यप्रणाली की समीक्षा

मेरठ - उत्तर प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने मंगलवार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के मुख्यालय में निगम के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली प्रदान की जाए। मंत्री ने बिजली चोरी को रोकने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण, लाइन लॉस में कमी और उपभोक्ता संतोष को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।


इस समीक्षा बैठक में 14 जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मंत्री ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग में पीवीवीएनएल ने बी ग्रेड से ए+ ग्रेड में सुधार किया है, जो निगम की कार्यप्रणाली, वित्तीय अनुशासन और परिचालन दक्षता का परिणाम है।


बैठक में राजस्व संग्रह, स्मार्ट मीटरिंग, ऑनलाइन उपभोक्ता सेवाओं, शिकायत निस्तारण और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता की चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि नए बिजली कनेक्शन, भार एवं श्रेणी परिवर्तन, और ऑनलाइन बिल भुगतान जैसी अधिकांश सेवाएं अब डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हैं।


ऊर्जा राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि 1912 कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया और सीजीआरएफ के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि हर शिकायत की नियमित निगरानी होनी चाहिए और उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति से संबंधित जानकारी वास्तविक समय में उपलब्ध कराई जाए।


बिजली चोरी के खिलाफ अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री ने प्रवर्तन कार्रवाई में बॉडी-वॉर्न कैमरों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही, प्रत्येक विद्युत दुर्घटना की गहन जांच कर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए।


मंत्री ने आउटेज मैनेजमेंट सिस्टम (ओएमएस) कंट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया और एसएआईएफआई तथा एसएआईडीआई सूचकांकों में सुधार कर उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


बैठक के अंत में, पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) ने कहा कि मंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए निगम उपभोक्ताओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करेगा।


बैठक में निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) आशु कालिया, निदेशक (वाणिज्य) संजय जैन, निदेशक (तकनीकी) एन.के. मिश्र, निदेशक (वित्त) स्वतंत्र कुमार तोमर सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।