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एक ही पेड़ पर कई आम की किस्में: मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग की नई तकनीक

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग ने छोटे किसानों के लिए नई संभावनाएँ खोली हैं। इस तकनीक के माध्यम से एक ही पेड़ पर विभिन्न आम की किस्में उगाई जा सकती हैं, जिससे फलों की उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि होती है। जानें कैसे ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग कर किसान अपनी फसल को लंबे समय तक बाजार में बेच सकते हैं और अधिक लाभ कमा सकते हैं।
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एक ही पेड़ पर कई आम की किस्में: मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग की नई तकनीक

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग का परिचय

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : आधुनिक बागवानी की ग्राफ्टिंग तकनीक ने छोटे किसानों की स्थिति में सुधार किया है। अब एक ही आम के पेड़ पर दशहरी, लंगड़ा, चौसा और आम्रपाली जैसी कई प्रसिद्ध किस्में एक साथ उगाई जा सकती हैं। यह विशेष विधि न केवल फलों की उत्पादकता को बढ़ाती है, बल्कि विभिन्न मौसमों में फलों की उपलब्धता से किसानों की आय में भी वृद्धि करती है। आम की खेती करने वाले किसानों के लिए यह तकनीक एक वरदान साबित हो रही है।


मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री की विशेषताएँ

छोटे किसानों के पास विभिन्न किस्मों के बाग लगाने के लिए पर्याप्त भूमि नहीं होती। इस समस्या का समाधान करने के लिए कृषि वैज्ञानिकों और बागवानों ने मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री तकनीक को अपनाया है। इस प्रयोग में एक ही पेड़ की शाखाओं पर दशहरी, लंगड़ा, चौसा और आम्रपाली के फल एक साथ उगते हैं।


मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री क्या है?

मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री एक विशेष प्रकार का पौधा है, जिसमें विभिन्न शाखाओं से अलग-अलग स्वाद और आकार के आम प्राप्त होते हैं। इसे तैयार करने के लिए पहले एक मजबूत और स्वस्थ देसी आम के पेड़ का चयन किया जाता है, जिसे 'रूटस्टॉक' कहा जाता है। इसके बाद, जिन किस्मों के आम उगाने हैं, उनकी स्वस्थ टहनियों को इस मुख्य पेड़ की कटी हुई शाखाओं पर विशेष विधि से जोड़ा जाता है। कुछ हफ्तों में ये टहनियाँ मूल पेड़ के ऊतकों के साथ मिलकर स्थायी हिस्सा बन जाती हैं। जब पेड़ बड़ा होता है, तो इसकी हर शाखा अपनी मूल किस्म के अनुसार फल देती है।


ग्राफ्टिंग तकनीक का महत्व

ग्राफ्टिंग तकनीक क्या है? यह एक पुरानी और प्रभावी बागवानी तकनीक है, जिसका उपयोग एक ही पेड़ पर कई प्रकार के आम उगाने के लिए किया जाता है। मानसून या नमी वाले मौसम में यह प्रक्रिया सबसे प्रभावी होती है। मुख्य पेड़ की एक स्वस्थ शाखा पर चीरा लगाया जाता है, और दूसरी किस्म की नई टहनी को उस स्थान पर सावधानी से फिट किया जाता है। दोनों शाखाओं को जोड़ने के बाद, उस हिस्से को ग्राफ्टिंग टेप या पॉलिथीन से कसकर बांध दिया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि हवा और पानी अंदर न जाएं, जिससे फंगस का खतरा कम हो जाता है। 30 से 45 दिनों में दोनों पौधों के ऊतक आपस में जुड़ जाते हैं और नई पत्तियाँ उगने लगती हैं।


किसानों की आमदनी में वृद्धि

आधुनिक तकनीक से किसानों की आमदनी कैसे बढ़ेगी? मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ होता है। विभिन्न आमों के पकने का समय अलग-अलग होता है, जिससे किसानों को लंबे समय तक मंडियों में अपनी फसल बेचने का अवसर मिलता है। जब किसी एक किस्म की आवक कम होती है, तो किसान दूसरी किस्म बेचकर अधिक लाभ कमा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक सीमित भूमि का अधिकतम उपयोग करने और प्रति एकड़ उत्पादकता बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका बन चुकी है।