एथेनॉल चूल्हे का आगमन: रसोई में नया ईंधन विकल्प
नई दिल्ली में एथेनॉल चूल्हे की पहल
नई दिल्ली: जैसे-जैसे गाड़ियों में एथेनॉल का उपयोग बढ़ रहा है, अब इसे रसोई में भी लाने की योजना बनाई जा रही है। सरकार LPG के साथ-साथ एथेनॉल चूल्हों को भी प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। नई नीति के तहत इस पर कार्य चल रहा है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो जल्द ही एथेनॉल चूल्हे आम घरों में देखने को मिलेंगे।
एथेनॉल चूल्हा: एक परिचय
जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह चूल्हा एथेनॉल ईंधन पर आधारित है। इसमें आप लिक्विड या जेल रूप में एथेनॉल का उपयोग कर सकते हैं। यह पारंपरिक मिट्टी के तेल वाले चूल्हे की तरह कार्य करता है, जिसमें एक टैंक होता है जहां ईंधन भरा जाता है। नॉब को घुमाकर इसे चालू या बंद किया जा सकता है। यह LPG की तरह ही साफ और सुरक्षित है, क्योंकि इससे धुआं नहीं निकलता, बर्तन काले नहीं होते और कोई बदबू नहीं आती। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस चूल्हे के आने की पुष्टि की है।
एथेनॉल चूल्हे की लागत
एथेनॉल की कीमत लगभग 60-70 रुपये प्रति लीटर है। एक लीटर एथेनॉल से चूल्हा करीब 15 घंटे तक चल सकता है, जिसका मतलब है कि एक घंटे का खर्च केवल 4-5 रुपये होगा। यह LPG की तुलना में काफी किफायती है।
एथेनॉल चूल्हे के अन्य लाभ
एथेनॉल तेज गर्मी प्रदान करता है (700-800 डिग्री तक), जिससे खाना जल्दी पकता है।
जेल रूप में उपयोग करने पर लीक होने का खतरा नहीं होता।
यह पर्यावरण के अनुकूल है, क्योंकि जलाने पर प्रदूषण नहीं फैलता।
सरकार की योजना
सरकार इस चूल्हे को बढ़ावा देकर LPG पर निर्भरता को कम करना चाहती है। इससे किसानों को भी लाभ होगा, क्योंकि एथेनॉल गन्ना, मक्का आदि से निर्मित होता है। वर्तमान में यह चूल्हा बाजार में उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके जल्द ही लॉन्च होने की उम्मीद है। यदि यह सफल होता है, तो यह घरेलू ईंधन का एक नया और सस्ता विकल्प बन सकता है।
