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एलपीयू में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों के बाद 10 दिन की छुट्टी और इंटरनेट बंद

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की सूचना के बाद भड़के प्रदर्शनों के चलते विश्वविद्यालय ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले का संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल का प्रयोग किया गया। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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एलपीयू में कक्षाएं स्थगित

फगवाड़ा- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की सूचना के बाद भड़के हिंसक प्रदर्शनों के चलते विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए सभी नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इसके साथ ही, मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को उनके अभिभावकों की सहमति से घर जाने की अनुमति दी है, जबकि परिसर में रहने वाले विद्यार्थियों को हॉस्टल या अपने निवास स्थान पर रहने और किसी भी तरह की अशांति से दूर रहने की सलाह दी गई है।


मुख्यमंत्री का सख्त रुख

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी- CM भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने DGP गौरव यादव को घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया है। पंजाब महिला आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए कपूरथला के DC और SSP से FIR की कॉपी, SIT और अब तक की जांच रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने यूनिवर्सिटी में गर्ल्स हॉस्टल के लिए सुरक्षा इंतजामों की जानकारी भी मांगी है।


विशेष जांच टीम का गठन

पुलिस ने इस विवाद की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। पुलिस के अनुसार, कथित दुष्कर्म की शिकायत के संबंध में FIR दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है। एलपीयू प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही दुष्कर्म की खबरों को अफवाह और बेबुनियाद बताते हुए छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।


प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई

हिंसक हुआ छात्रों का प्रदर्शन

शनिवार रात और रविवार तड़के एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और आत्महत्या से जुड़े संदेश के प्रसार के बाद बड़ी संख्या में छात्र परिसर में इकट्ठा हुए। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई, जिससे तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के दौरान पथराव हुआ और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने किया बल का इस्तेमाल

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को समझाने और बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य करने के प्रयास भी किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को विश्वविद्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। डीजीपी ने परिसर का दौरा कर अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली।


जांच जारी

दुष्कर्म के आरोपों की जांच जारी

पुलिस ने छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए SIT का गठन किया है। रिपोर्टों के अनुसार, टीम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं। जांच में कथित घटना से जुड़े तथ्यों के अलावा CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच की जा रही है। अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से कथित दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की गई है।


यातायात पर प्रभाव

हाईवे पर घंटों प्रभावित रहा यातायात

प्रदर्शन के कारण जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर यातायात लंबे समय तक प्रभावित रहा। छात्रों के सड़क पर बैठने और राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। बाद में पुलिस ने स्थिति नियंत्रित कर मार्ग को खुलवाया।


एलपीयू की अपील

एलपीयू ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित की गई हैं। मिड-टर्म परीक्षाओं की नई तारीखों की जानकारी बाद में विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से दी जाएगी। फिलहाल परिसर में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।