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ओमान तट पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि

ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति समर्थन का आश्वासन दिया। अमेरिका ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि जहाज ने ईरान से तेल ले जाने की कोशिश की थी। भारत ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों को तलब किया है।
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ओमान तट पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि

नई दिल्ली में दुखद समाचार

नई दिल्ली: ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में लापता तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु की पुष्टि हो गई है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को बताया कि पलेऊ के झंडे वाले 'MT Settebello' जहाज पर मौजूद इन नाविकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा विरोध जताया है।


सरकार का पीड़ित परिवारों के प्रति समर्थन

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे भारतीय समुद्री समुदाय के लिए एक 'बड़ा नुकसान' बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोदी सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहाज से बचे हुए चालक दल के सदस्यों की जल्द से जल्द स्वदेश वापसी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए भारत लाने की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।


अमेरिका का हमला क्यों?

यह घटना तब शुरू हुई जब इस जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी से बचने का प्रयास किया। यूएस सेंट्रल कमांड ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि जहाज ने ईरान से तेल ले जाने की कोशिश करके अमेरिका की नाकाबंदी का उल्लंघन किया। भारत ने इस हमले को गंभीरता से लिया है और बुधवार को अमेरिकी दूतावास के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब कर इस सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।