किसानों की आय बढ़ाने के लिए MIDH योजना का महत्व
केंद्र सरकार की MIDH योजना
नई दिल्ली: भारत में बागवानी क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार ने मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और प्रशिक्षण की जानकारी भी दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यावसायिक बागवानी को भी एक नई दिशा देना है। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीक अपनाने से कम लागत में बेहतर उत्पादन संभव है।
किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास
MIDH योजना के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य बागवानी क्षेत्र में उत्पादन क्षमता को बढ़ाना, खेती को अधिक लाभकारी बनाना और किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से अवगत कराना है।
61 प्रशिक्षण केंद्रों का नेटवर्क
इस योजना के तहत देशभर में 61 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, उन्नत पौध सामग्री और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी जाती है। साथ ही, उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है, ताकि वे सीखी गई तकनीकों को अपनी खेती में आसानी से लागू कर सकें।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित प्रशिक्षण केंद्र
इन प्रशिक्षण केंद्रों का विकास भारत-इजरायल और भारत-नीदरलैंड के सहयोग से विभिन्न शोध संस्थानों की मदद से किया गया है। यहां किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीक, सब्जियों की उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक खेती से संबंधित जानकारी प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें नई तकनीकों को अपनाने में आसानी होती है।
किसानों को सहयोग देने वाली संस्थाएं
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, MIDH योजना के तहत राज्य बागवानी मिशन, तकनीकी सहायता समूह (TSG), सटीक कृषि विकास केंद्र (PFDC), उत्कृष्टता केंद्र (CoE), आईसीएआर संस्थान, राज्य कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इन संस्थानों के माध्यम से आधुनिक खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जा रही है।
आधुनिक कृषि ढांचों के लिए वित्तीय सहायता
योजना के अंतर्गत संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक टनल और अन्य आधुनिक कृषि ढांचों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इन सुविधाओं के उपयोग से सीमित क्षेत्र में भी बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन प्राप्त करने में किसानों को मदद मिलती है।
संसद में योजना के लाभों का उल्लेख
संसद के मानसून सत्र में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने MIDH योजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती अपनाने, उत्पादन बढ़ाने और बागवानी को लाभकारी कृषि व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
