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कृषि मंत्री ने लॉन्च किया NMMS का उन्नत फेस ऑथेंटिकेशन संस्करण, ग्रामीण रोजगार में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने के लिए NMMS का उन्नत फेस ऑथेंटिकेशन संस्करण लॉन्च किया। इस प्रणाली का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों के लिए पारदर्शिता और रोजगार सुनिश्चित करना है। मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत 2.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला है और 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह ग्रामीण विकास में मदद करेगी।
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नई दिल्ली में NMMS का उन्नत संस्करण जारी

नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के लक्ष्य को ग्रामीण स्तर पर साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के तहत राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) के उन्नत-सुरक्षा संस्करण का औपचारिक अनावरण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर ग्रामीण श्रमिक को पारदर्शी तरीके से रोजगार मिले और सरकारी धन का सही उपयोग हो। इस नए संस्करण में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) का तकनीकी सहयोग, एआई आधारित सत्यापन और मजबूत साइबर सुरक्षा शामिल है। यह ऐप फर्जी हाजिरी पर कड़ी नजर रखेगा और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए ऑफलाइन हाजिरी का प्रावधान भी करेगा।


श्रमिकों के लिए नई योजनाएं

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 'विकसित गांव' बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। 'वीबी-जी राम जी' योजना के तहत 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में कामकाज शुरू किया जाएगा। इस योजना के तहत 2.41 लाख ग्राम पंचायतों में 31.23 लाख कार्यस्थलों पर काम चल रहा है, जिससे 2.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों के 3.65 करोड़ श्रमिकों को रोजगार मिला है। अब तक लगभग 46 करोड़ मानवदिवस सृजित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में 95,692 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।


फेस ऑथेंटिकेशन से फर्जीवाड़े पर नियंत्रण

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले कार्यस्थलों पर फर्जी हाजिरी की शिकायतें आती थीं। इन समस्याओं को खत्म करने के लिए मार्च 2026 में NMMS ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा जोड़ी गई थी। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, और कई राज्यों ने इस प्रणाली के जरिए शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की है। इससे फर्जी प्रविष्टियों की संभावना कम हुई है।


साइबर सुरक्षा और तकनीकी सुधार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा एक निरंतर प्रक्रिया है। NMMS के नए संस्करण में Google Play Integrity के साथ एकीकृत सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जो डिवाइस-लेवल सुरक्षा जांच और डेटा के सुरक्षित संप्रेषण को सुनिश्चित करते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि केवल वास्तविक श्रमिक ही कैमरे के सामने उपस्थित हों।


मानवीय दृष्टिकोण और ऑफलाइन उपस्थिति

केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी भी वास्तविक श्रमिक को नेटवर्क की कमी के कारण काम से वंचित नहीं किया जाएगा। यदि कार्यस्थल पर नेटवर्क नहीं है, तो ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, दिव्यांग या बुजुर्ग श्रमिकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।


पारदर्शिता के लिए बहुस्तरीय सत्यापन

शिवराज सिंह ने बताया कि केवल ऐप में हाजिरी दर्ज होना मजदूरी भुगतान का आधार नहीं है। इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र सक्रिय है, जिसमें एआई-आधारित फोटो डी-डुप्लीकेशन और इलेक्ट्रॉनिक मापन पुस्तिका शामिल हैं। इसके बाद प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की प्रक्रिया के तहत भुगतान किया जाता है।


किसानों के लिए ऐतिहासिक पहल

कृषि मंत्री ने बताया कि 'फार्मर आईडी' अभियान के तहत 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 10 करोड़ 99 लाख फार्मर आईडी सफलतापूर्वक बनाई जा चुकी हैं। यह भारतीय कृषि में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगा।