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केंद्र सरकार ने 50 OTT ऐप्स पर अश्लील सामग्री के लिए लगाया प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते अश्लील कंटेंट के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए 50 OTT ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत लिया गया है। सरकार का कहना है कि इन ऐप्स पर आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण हो रहा था, जो भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है। जानें इस कार्रवाई के पीछे की वजह और आगे की योजना के बारे में।
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सरकार का बड़ा कदम

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 50 OTT ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन ऐप्स पर ऐसा कंटेंट प्रसारित किया जा रहा था जो भारतीय कानूनों और डिजिटल मीडिया से संबंधित नियमों का उल्लंघन करता था। इससे पहले भी कई ऐप्स पर अश्लील सामग्री के लिए कार्रवाई की गई थी।


कानूनी कार्रवाई की जानकारी

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि इन ऐप्स के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 के तहत कार्रवाई की गई है। जांच में यह पाया गया कि इन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कई फिल्में और वेब सीरीज अश्लील और आपत्तिजनक थीं, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 और महिलाओं के अशोभनीय प्रतिनिधित्व (प्रतिषेध) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती हैं।


आपत्तिजनक कंटेंट का उपयोग

सरकार के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से ट्रैफिक बढ़ाने और सब्सक्रिप्शन से कमाई करने के लिए किया जा रहा था। इसी कारण संबंधित ऐप्स की सार्वजनिक पहुंच रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।


प्रतिबंधित ऐप्स की सूची

हालांकि, सरकार ने लोकसभा में उन 50 OTT ऐप्स के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, हाल ही में आईटी नियमों में किए गए संशोधन के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य इंटरमीडियरी को अदालत या सरकार की अधिकृत एजेंसी के निर्देश मिलने के तीन घंटे के भीतर गैरकानूनी कंटेंट हटाना या उसकी पहुंच रोकना अनिवार्य होगा।


इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश

सरकार ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को भी इन प्रतिबंधित ऐप्स की पहुंच रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से इन ऐप्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कानून का उल्लंघन करने वाले कंटेंट के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।