केंद्र सरकार ने डीजल खरीद पर नई पाबंदियाँ लगाईं, 200 लीटर की सीमा तय
नई डीजल खरीद नियमों की घोषणा
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री के लिए नए नियम लागू किए हैं, जो पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता के बीच आए हैं। अब एक ग्राहक एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही खरीद सकेगा, और इसे पुनः बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अतिरिक्त, फैक्ट्रियों और कॉमर्शियल उपयोगकर्ताओं को रिटेल आउटलेट से ईंधन नहीं मिलेगा। यह आदेश 11 जून 2026 को जारी किया गया है, और इन बड़े उपभोक्ताओं को अब केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ईंधन खरीदने की अनुमति होगी। यह पाबंदी प्रारंभ में 90 दिनों के लिए लागू की गई है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इस निर्णय से आम उपभोक्ताओं को ईंधन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। डीजल केवल वाहनों के मुख्य टैंक या पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन से अनुमोदित कंटेनरों में ही दिया जाएगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल को दोबारा बेचना मना है।
कालाबाजारी पर नियंत्रण
मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे ईंधन की जमाखोरी, कालाबाजारी और अनधिकृत खरीद पर सख्ती से रोक लगाएं। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
राजपत्रित अधिकारी, डीएसपी या उससे ऊपर के पुलिस अधिकारी और तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर नियमों के पालन की जांच कर सकेंगे और उन्हें तलाशी लेने तथा सामान जब्त करने का अधिकार भी दिया गया है।
कृषि कार्यों के लिए डीजल खरीद पर कोई प्रतिबंध नहीं
नए नियमों का मुख्य उद्देश्य बड़े खरीदारों और अनधिकृत कारोबार को नियंत्रित करना है। किसानों द्वारा ट्रैक्टर, पंपसेट और अन्य कृषि कार्यों के लिए की जाने वाली सामान्य डीजल खरीद पर कोई अलग प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
हालांकि, बड़ी मात्रा में डीजल खरीदकर भंडारण करने वालों को अब निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की उपलब्धता में सुधार होगा और वास्तविक उपभोक्ताओं को डीजल मिलने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
