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केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की घोषणा की

केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की घोषणा की है, जिससे यह 63% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 जनवरी, 2026 से लागू होगी और इससे लगभग 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा। इसके अलावा, सरकार ने अन्य योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण आवंटन की मंजूरी दी है। जानें इस वृद्धि का विस्तृत विवरण और इससे किसे कितना लाभ होगा।
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महंगाई भत्ते में वृद्धि


महंगाई भत्ते में वृद्धि: केंद्र सरकार ने बुधवार को अपने कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 3% की वृद्धि को मंजूरी दी है, जिससे यह मूल वेतन (बेसिक पे) के 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 जनवरी, 2026 से लागू हुई थी। इसके लिए सरकार ने 10,016 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।


महंगाई के प्रभाव को कम करना

महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में की जाती है, जिससे सरकारी कर्मचारियों को जीवन-यापन की बढ़ती लागत का सामना करने में सहायता मिलती है। पेंशनभोगियों को भी इसी तरह का लाभ मिलता है, जिसे महंगाई राहत (DR) कहा जाता है। इन दोनों का मुख्य उद्देश्य महंगाई के प्रभाव को कम करना है।


साल में दो बार संशोधन

सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में DA और DR में संशोधन करती है। हाल की घोषणा जुलाई 2026 के DA संशोधन से संबंधित है। DA, सरकारी कर्मचारियों को उनके मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में दिया जाने वाला एक 'कॉस्ट-ऑफ-लिविंग एडजस्टमेंट' है।


किसे कितना लाभ मिलेगा?

DA में यह वृद्धि 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार की गई है।



  • 6वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के वेतनमान के लिए: 01.07.2026 से DA/DR मूल वेतन के 262% से बढ़कर 269% (+7%) हो जाएगा।

  • 5वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के वेतनमान के लिए: 01.07.2026 से DA/DR मूल वेतन के 483% से बढ़कर 497% (+14%) हो जाएगा।


महंगाई भत्ते में हुई इस वृद्धि से केंद्र सरकार के लगभग 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।


अन्य योजनाओं को मंजूरी

अन्य महत्वपूर्ण मंजूरियों में 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन वाली 'कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम', 1,856 करोड़ रुपये के बजट वाली 'खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' और 7,395 करोड़ रुपये के बजट वाली 'प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना' शामिल हैं।