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केंद्रीय शिक्षा मंत्री की पहल से घायल छात्रा ने नीट परीक्षा दी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पहल से एक गंभीर रूप से घायल छात्रा ने नीट परीक्षा में भाग लिया। श्रृष्टि दुबे, जो एक सड़क दुर्घटना में घायल हुई थीं, को विशेष व्यवस्था के तहत परीक्षा देने का अवसर मिला। उनके परिवार ने मंत्री का आभार व्यक्त किया। जानें इस मानवीय प्रयास के बारे में और कैसे छात्रा ने परीक्षा दी।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री की पहल से घायल छात्रा ने नीट परीक्षा दी

घायल छात्रा को मिली परीक्षा देने की अनुमति

नई दिल्ली - केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पहल के चलते एक गंभीर रूप से घायल नीट अभ्यर्थी को रविवार को कोलकाता में आयोजित री-एग्जाम में भाग लेने का अवसर मिला। छात्रा के परिवार ने इस मानवीय प्रयास के लिए शिक्षा मंत्री का धन्यवाद किया।


विशेष व्यवस्था के तहत परीक्षा

श्रृष्टि दुबे ने कोलकाता के धाकुरिया स्थित बिनोदिनी गर्ल्स हाई स्कूल में विशेष प्रबंधों के तहत परीक्षा दी। उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक अलग कमरे में बैठाया गया और चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई। परीक्षा केंद्र पर एंबुलेंस भी तैनात थी।


मंत्री ने छात्रा के पिता से की बातचीत

परीक्षा शुरू होने के बाद, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रा के पिता से फोन पर बात की और उनकी बेटी की स्थिति तथा परीक्षा के बारे में जानकारी ली।


पिता ने मंत्री का किया धन्यवाद

श्रृष्टि के पिता, श्रीराम शिवजी दुबे, जो एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं, ने मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "आपकी मदद के कारण मेरी बेटी आज परीक्षा दे पा रही है।"


मां ने भी जताया आभार

छात्रा की मां ने भी मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि 14 जून को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बेटी परीक्षा दे सकेगी। उन्होंने कहा, "डॉक्टरों ने हमें विशेष अनुमति के लिए आवेदन करने की सलाह दी थी।"


मंत्री ने छात्रा को दी शुभकामनाएं

धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करे और भविष्य में डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करे। उन्होंने यह भी कहा कि वह कोलकाता आने पर छात्रा से मिलने का प्रयास करेंगे।


छात्रा की गंभीर स्थिति

छात्रा के पिता ने शिक्षा मंत्री को लिखे पत्र में बताया कि उनकी बेटी 14 जून को एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हुई थी, जिसमें उसकी नौ पसलियां टूट गई थीं और फेफड़ों में गंभीर चोट आई थी।


परीक्षा में शामिल होने की इच्छा

उन्होंने पत्र में कहा कि उनकी बेटी किसी भी हालत में नीट परीक्षा देना चाहती थी। अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया था।


नीट 2026 री-एग्जाम में भागीदारी

रविवार को देशभर में 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच नीट 2026 री-एग्जाम में भाग लिया। यह पुनर्परीक्षा 3 मई को आयोजित मूल परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं के कारण कराई गई।