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केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बदलाव पर अभिजीत दीपके की कड़ी प्रतिक्रिया

केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री के पद पर प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति की है, जिसके बाद अभिजीत दीपके ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नए मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह शर्म की बात है कि एक व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया गया है जिसने बिलकिस बानो के रेपिस्ट का स्वागत किया। दीपके ने आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की, लेकिन चेतावनी दी कि यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए, तो वे फिर से प्रदर्शन करेंगे। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री का बदलाव

नई दिल्ली- शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर 36 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद, केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव करते हुए प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है, जबकि धर्मेंद्र प्रधान को इस पद से हटा दिया गया है। हालांकि, इस बदलाव के बावजूद आंदोलन से जुड़े संगठनों ने सरकार पर अपनी आलोचना जारी रखी है।


नए शिक्षा मंत्री पर असंतोष

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नए शिक्षा मंत्री के चयन पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी गई है जिसने बिलकिस बानो के रेपिस्ट का स्वागत किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि इससे छात्रों में क्या संदेश जाएगा और इसे शर्मनाक बताया।


प्रधानमंत्री पर आरोप

दीपके ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले हिंदू-मुसलमान के मुद्दों पर बात कर रहे थे, अब वे रील डाल रहे हैं। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री के वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि यह शर्म की बात है कि एक रेपिस्ट के समर्थक को शिक्षा मंत्री बनाया गया है।


आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

‘प्रदर्शन खत्म हुआ, लेकिन आंदोलन नहीं’


दीपके ने स्पष्ट किया कि आंदोलन फिलहाल स्थगित किया गया है, लेकिन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया और उन्हें पुलिस से सुरक्षा का लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो संगठन फिर से सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।


विरोध प्रदर्शन में व्यवधान का आरोप

प्रदर्शन में व्यवधान डालने का आरोप


दीपके ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों को भेजकर आंदोलन को बाधित करने की कोशिश की गई। उन्होंने जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरे ट्रकों की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।


पेपर लीक पर सवाल

सोनम वांगचुक और पेपर लीक पर भी उठाए सवाल


दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के बाद फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाना एक अस्थायी उपाय है, जबकि असली जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिससे प्रश्नपत्र लीक न हों। उन्होंने प्रभावित अभ्यर्थियों को मुआवजा देने का भी आग्रह किया।