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केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन 5 जुलाई को होगा तय

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन 5 जुलाई को निर्धारित किया जाएगा। वर्तमान में, 25 जून से सेवाएं निलंबित हैं, जबकि हेली कंपनियों के कर्मचारी हेलीपैड पर मौजूद हैं। इस वर्ष, सामान्य परिस्थितियों में रोजाना 1,200 से 1,300 यात्री हेली सेवाओं का उपयोग कर रहे थे। जानें इस यात्रा में हेली सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और सुरक्षा मानकों के बारे में।
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केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की स्थिति

उत्तराखंड। केदारनाथ धाम के लिए इस वर्ष हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन कैसे होगा, इस पर निर्णय 5 जुलाई को होने वाली बैठक में लिया जाएगा। वर्तमान में, 25 जून से हेली सेवाएं निलंबित हैं। इसके बावजूद, हेली कंपनियों के कर्मचारी फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी हेलीपैड पर मौजूद हैं।


हेलीकॉप्टर सेवाओं का निलंबन

25 जून से 5 जुलाई तक हेली सेवाएं स्थगित

इस वर्ष, सामान्य परिस्थितियों में, रोजाना लगभग 1,200 से 1,300 यात्री हेली सेवाओं के माध्यम से केदारनाथ पहुंचते रहे हैं। हालांकि, यात्रा के प्रारंभिक दिनों में खराब मौसम के कारण कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। पिछले कुछ वर्षों में बारिश के दौरान भी सीमित संख्या में हेली सेवाओं का संचालन किया जाता रहा है। लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों से 25 जून से 5 जुलाई तक हेली सेवाएं रोक दी गई हैं। हेली सेवा के प्रमुख अधिकारी 'राहुल चौबे' ने कहा कि 5 जुलाई को मौसम की स्थिति, सुरक्षा मानकों और तकनीकी समीक्षा के आधार पर शासन और संबंधित एजेंसियों के निर्णय के अनुसार आगे हेली सेवाओं का संचालन तय किया जाएगा।


हेलीकॉप्टर सेवाओं का महत्व

हेली सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

केदारनाथ यात्रा में बुजुर्ग, दिव्यांग और कम समय में यात्रा पूरी करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। ये सेवाएं यात्रा को सुविधाजनक बनाती हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में हुई हेली दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा मानकों को कड़ा किया गया है। वर्तमान में, सीमित उड़ानें ही संचालित हो रही हैं। पहले चरण में केवल 68,671 यात्रियों ने हेली सेवा से केदारनाथ के दर्शन किए, जिससे हेली कंपनियों को लगभग 50 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।