क्यूबेक का भारत के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का प्रयास
क्यूबेक के मंत्री का भारत के साथ सहयोग का प्रस्ताव
जकार्ता: क्यूबेक प्रांत के मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट ने बताया कि क्यूबेक भारत के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), एयरोस्पेस, शिक्षा और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना बना रहा है। उनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश और व्यावसायिक साझेदारी को भी प्रोत्साहित करना है।
क्यूबेक के अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं ला फ्रैंकोफोनी मंत्री स्कीट ने कहा कि प्रांत अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने और भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि हम अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाएं और भारत के साथ स्थायी संबंध स्थापित करें। हमें विश्वास है कि दोनों पक्षों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं, और हम इस दिशा में उत्साहित हैं।”
स्कीट ने एआई, एयरोस्पेस और शिक्षा को ऐसे क्षेत्रों के रूप में बताया जिनमें सहयोग की सबसे अधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि क्यूबेक और भारत के विश्वविद्यालयों के बीच पहले से ही मजबूत संबंध हैं, जिन्हें और विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “एयरोस्पेस एक बेहतरीन क्षेत्र है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और शिक्षा भी। हमारे विश्वविद्यालयों के बीच काफी करीबी सहयोग है, जिसे और मजबूत करने की आवश्यकता है।”
स्कीट ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और देशों को सुरक्षित सप्लाई चेन और भरोसेमंद साझेदारियों के लिए एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा। उनके अनुसार, भारत और क्यूबेक इस दिशा में प्रभावी साझेदारी कर सकते हैं।
भारतीय कंपनियों को क्यूबेक में निवेश और कारोबार के अवसरों की तलाश करने के लिए आमंत्रित करते हुए स्कीट ने कहा कि यह प्रांत उद्यमिता और नवाचार आधारित व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, “भारतीय निवेशकों के लिए यहां अनेक अवसर हैं। हमें भारतीय उद्यमियों की सोच और उद्यमिता का अनुभव पसंद है। क्यूबेक में निवेश और कारोबार की अच्छी संभावनाएं हैं, वहीं क्यूबेक की कंपनियों के लिए भारत में भी व्यापक अवसर मौजूद हैं।”
स्कीट ने कहा कि क्यूबेक भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना चाहता है ताकि व्यापारिक सहयोग और निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।
भविष्य के सहयोग के महत्वपूर्ण आधार के रूप में उभरती प्रौद्योगिकियों का उल्लेख करते हुए स्कीट ने कहा कि एआई और एयरोस्पेस क्यूबेक-भारत आर्थिक साझेदारी के अगले चरण में अहम भूमिका निभाएंगे।
उनके अनुसार, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य तय करता है और क्यूबेक इस मामले में बहुत अच्छी स्थिति में है। हम मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं। एयरोस्पेस एक और प्राथमिकता है जहां दोनों पक्षों के पास बड़े मौके हैं।”
मंत्री ने कहा कि लंबे समय के लक्ष्यों के बजाय, अभी का ध्यान ठोस बिजनेस परिणाम बनाने पर है।
उन्होंने कहा, “हमें भारत से बिजनेस को क्यूबेक लाने की जरूरत है, हमें क्यूबेक से बिजनेस को यहां लाने की जरूरत है, और हमें उन कनेक्शन को अभी से बढ़ावा देने की जरूरत है ताकि 10 साल में हम कह सकें कि यह एक बड़ी सफलता थी।”
स्कीट ने कहा कि उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक की और वे संस्थागत सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं जिससे क्यूबेक और भारत के बीच बिजनेस का माहौल और बेहतर होगा।
