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क्रिकेट में 80 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: तनुश कोटियन और तुषार देशपांडे की ऐतिहासिक सेंचुरी

क्रिकेट की दुनिया में एक नया इतिहास रचा गया है जब तनुश कोटियन और तुषार देशपांडे ने रणजी ट्रॉफी में 80 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 1946 में बने इस रिकॉर्ड को 2025 में दो भारतीय खिलाड़ियों ने फिर से जीवित किया। जानें कैसे इन खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से मैच का रुख पलट दिया।
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क्रिकेट में चमत्कार


नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर हर मैच में कुछ अनोखा देखने को मिलता है। गेंदबाज या बल्लेबाज, दोनों ही अपने प्रदर्शन से खेल का परिणाम बदल सकते हैं। हाल ही में, रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले में तनुश कोटियन और तुषार देशपांडे ने 10वें और 11वें नंबर पर आकर शानदार सेंचुरी बनाकर सबको चौंका दिया।


80 साल पुराना रिकॉर्ड

क्रिकेट में कहा जाता है कि रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ही बनते हैं। कुछ रिकॉर्ड जल्दी टूट जाते हैं, जबकि कुछ को टूटने में कई दशकों का समय लग जाता है। ऐसा ही एक अद्भुत रिकॉर्ड लगभग 80 सालों तक कायम रहा, जिसे 2025 में दो भारतीय खिलाड़ियों ने तोड़ा।


1946 का ऐतिहासिक पल

साल 1946 में, भारतीय टीम लंदन के द ओवल मैदान पर सरे के खिलाफ खेल रही थी। उस समय टीम इंडिया मुश्किल में थी, जब 205 रन पर 9 विकेट गिर चुके थे। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने क्रिकेट इतिहास में एक अद्वितीय घटना को जन्म दिया।


अंतिम विकेट ने बदल दी कहानी

भारतीय टीम के 9 विकेट गिरने के बाद क्रीज पर दो गेंदबाज उतरे, जिनसे किसी ने भी बड़ी पारी की उम्मीद नहीं की थी। लेग स्पिनर चंदू सरवटे और मीडियम पेसर शूट बनर्जी ने मिलकर 10वें विकेट के लिए 249 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। सरवटे ने 124 रन और बनर्जी ने 121 रन बनाए। इस साझेदारी ने भारत को जीत दिलाई।


नया रिकॉर्ड

1946 में सरवटे और बनर्जी द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड 2025 तक कायम रहा। हाल ही में, तनुश कोटियन और तुषार देशपांडे ने रणजी ट्रॉफी में बड़ौडा के खिलाफ इसी तरह का कारनामा किया। जब टीम ने 337 रन पर 9 विकेट गंवा दिए थे, तब तनुश ने 120 रन और तुषार ने 123 रन बनाकर टीम को 569 रन पर ऑलआउट किया।