खाद्य सुरक्षा पर केंद्र सरकार की निगरानी आवश्यक: चंडीगढ़ बैठक में रंधावा
खाद्य सुरक्षा की निगरानी पर चर्चा
देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को सतत निगरानी की आवश्यकता है। इस विषय पर सोमवार को चंडीगढ़ में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने की। बैठक में खाद्यान्न भंडार और राज्यों में आपूर्ति की स्थिति पर गहन चर्चा की गई।
रंधावा ने अधिकारियों को दिए निर्देश
बैठक के दौरान खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के वरिष्ठ अधिकारियों से देश में खाद्य सामग्री की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। इसमें भंडार, भंडारण क्षमता, खरीद और विभिन्न राज्यों में खाद्यान्न की आपूर्ति की व्यवस्था की समीक्षा की गई। रंधावा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद्यान्न के भंडार और उसकी आवाजाही पर निरंतर निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के किसी भी हिस्से में खाद्य सामग्री की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए खरीद, भंडारण और वितरण की व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
रंधावा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा का सीधा संबंध करोड़ों लोगों के जीवन से है। इसलिए अनाज की खरीद से लेकर उसके भंडारण, परिवहन और वितरण तक हर स्तर पर कार्य पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया। बैठक में यह भी देखा गया कि मौजूदा भंडार जरूरत के अनुसार पर्याप्त हैं या नहीं और राज्यों को समय पर आपूर्ति मिल रही है या नहीं। अधिकारियों को निगरानी व्यवस्था को सक्रिय बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
राज्यों की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में भारतीय खाद्य निगम और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा पंजाब और हरियाणा के कई अधिकारी भी शामिल हुए। पंजाब के प्रधान सचिव राहुल तिवारी और हरियाणा की प्रधान सचिव डॉ. अमनीत पी. कुमार ने भी बैठक में भाग लिया। समिति ने खाद्यान्न की खरीद, भंडारण और राज्यों तक इसकी पहुंच की व्यवस्था पर चर्चा की। रंधावा ने कहा कि देश में पर्याप्त भंडार बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही अनाज को सही समय पर जरूरत वाले क्षेत्रों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
