गाजियाबाद में ट्रैफिक प्रबंधन में नागरिकों की भागीदारी, 504 वॉलंटियर्स शामिल
गाजियाबाद में ट्रैफिक वॉलंटियर्स की नई पहल
गाजियाबाद: बढ़ती ट्रैफिक समस्या और रोजाना के जाम के बीच, अब गाजियाबाद में ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कावड़ यात्रा से पहले, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने 504 नागरिकों को ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स में शामिल किया है। ये वॉलंटियर्स न केवल चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यातायात पुलिस की सहायता करेंगे, बल्कि सड़क हादसों में घायलों को तुरंत मदद पहुंचाने और लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने का कार्य भी करेंगे।
ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें आम लोग यातायात पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक प्रबंधन में सहयोग करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था को सुधारना, सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। देश के कई बड़े शहरों में नागरिकों की भागीदारी आधारित ट्रैफिक प्रबंधन मॉडल सफल साबित हुए हैं। अब गाजियाबाद पुलिस ने भी इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को अपने साथ जोड़ा है। जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया था, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन किया गया।
पुलिस आयुक्त महोदय कमिश्नरेट गाजियाबाद के निर्देशानुसार यातायात व्यवस्था को सुदृढ़, सुगम व सुरक्षित बनाने हेतु TRAFFIC VOLUNTEER FORCE (TVF) का गठन किया गया है।
जनभागीदारी: चरित्र सत्यापन के बाद कुल 504 स्वयंसेवकों का चयन।
पहचान: ड्यूटी के दौरान सुगमता हेतु सभी को ID… pic.twitter.com/gBZCC9j49t
— Ghaziabad Traffic Police (@Gzbtrafficpol) June 11, 2026
पुलिस वेरिफिकेशन और अन्य औपचारिकताओं के बाद, जिले में कुल 504 स्वयंसेवकों का चयन किया गया है। इन स्वयंसेवकों में विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हैं, जैसे युवा सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, कर्मचारी और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग। चयन प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार नागरिकों को जोड़ना है जो बिना किसी व्यक्तिगत लाभ के समाज और शहर के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
चयनित स्वयंसेवकों को ट्रैफिक पुलिस द्वारा आधिकारिक पहचान पत्र प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही, उन्हें रिफ्लेक्टिव जैकेट और टोपी भी दी गई है, ताकि उनकी पहचान स्पष्ट हो सके और रात में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों का कहना है कि इससे आम नागरिक भी आसानी से ट्रैफिक वॉलंटियर्स की पहचान कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उनसे सहायता ले सकेंगे।
गाजियाबाद में बढ़ते वाहनों और जनसंख्या के कारण ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स सड़क सुरक्षा अभियान को नई गति प्रदान करेगी। वॉलंटियर्स लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करेंगे और स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाएंगे।
चयनित वॉलंटियर्स शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, त्योहारों और विशेष आयोजनों के दौरान ट्रैफिक पुलिस की सहायता करेंगे। आवश्यकता अनुसार, ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स की ड्यूटी लगाई जाएगी। ऐसे क्षेत्रों में जहां ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं होती, वहां ये स्वयंसेवक स्थिति की जानकारी ट्रैफिक पुलिस तक पहुंचाएंगे। पुलिस ने ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वयंसेवकों को किसी भी स्थिति में अपने पहचान पत्र या ड्रेस का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।
वॉलंटियर्स को यह भी निर्देश दिया गया है कि उन्हें आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना होगा और किसी भी परिस्थिति में अभद्रता नहीं करनी होगी। इसके अलावा, उन्हें अपने पहचान पत्र, जैकेट या अन्य आधिकारिक सामग्री का उपयोग सोशल मीडिया पर प्रचारित करने के लिए नहीं करना होगा।
चयनित वॉलंटियर्स को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी देने के लिए दो विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ट्रैफिक प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान उन्हें राजवीर योजना के बारे में भी बताया गया, जिसमें दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की मदद करने के तरीके शामिल हैं। एडीसीपी ट्रैफिक वरुण सिंह के अनुसार, 'प्रथम चरण में ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स में कुल 504 वॉलंटियर्स को शामिल किया गया है। सभी वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। हमें उम्मीद है कि ट्रैफिक वॉलंटियर्स के सहयोग से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा। भविष्य में आवश्यकता अनुसार वॉलंटियर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी।'

पहचान: ड्यूटी के दौरान सुगमता हेतु सभी को ID…