गुरु अर्जुन देव जी की शहादत का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया
गुरु की शहादत को श्रद्धांजलि
- संगतों ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेक गुरु की शहादत को किया नमन
- गुरू अर्जुन देव ने मानवता की खातिर अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया : बलविंद्र सिंह
जींद। गुरु अर्जुन देव जी की शहादत का पर्व वीरवार को शहर के सभी गुरुद्वारों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुखमनी सेवा सोसायटी के सहयोग से सभी गुरुद्वारों में श्री सुखमनी साहिब के पाठ का आयोजन किया गया। संगतों के लिए मीठे शरबत की छबील और लंगर का भी आयोजन किया गया।
गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान
सिख धर्म में पहले गुरु जिन्होंने धर्म के लिए बलिदान दिया
गुरुघर के प्रवक्ता बलविंदर सिंह ने बताया कि गुरु अर्जुन देव जी की शहादत के उपलक्ष्य में ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में गुरमत समागम का आयोजन किया गया। रागी भाई जसबीर सिंह और भाई हरविंदर सिंह ने गुरु अर्जुन देव की बाणी का कीर्तन किया। भाई सुखविंदर सिंह के कविशरी जत्थे ने गुरु की शहादत पर मार्मिक रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु अर्जुन देव जी की बाणी
गुरु अर्जुन देव जी द्वारा रचित बाणी का महत्व
हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार करनैल सिंह ने गुरु अर्जुन देव को जुल्म का नाशक बताया। उन्होंने बताया कि गुरु अर्जुन देव ने गुरु ग्रंथ साहिब की पहली बीड़ तैयार की थी। गुरु अर्जुन देव को कुर्बानी का प्रतीक माना जाता है क्योंकि उन्होंने सिख धर्म की रक्षा के लिए तत्ती तवी पर बैठकर बलिदान दिया था।
इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर मीठे शरबत की छबीलें लगाई गईं। समागम में कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
