Newzfatafatlogo

गुरुग्राम में निवेश के नाम पर 2.5 करोड़ की साइबर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम पुलिस ने निवेश के नाम पर 2.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी दिल्ली से पकड़े गए और उनके पास से कई मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और पासबुक बरामद की गई हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ठगी की राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 | 
गुरुग्राम में निवेश के नाम पर 2.5 करोड़ की साइबर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तारी और बरामदगी


  • दिल्ली से पकड़े गए आरोपियों के पास से 36 मोबाइल, 53 एटीएम कार्ड व 24 पासबुक बरामद


गुरुग्राम। पुलिस ने एक व्यक्ति से निवेश के नाम पर 2.53 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी दिल्ली में पकड़े गए। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर, गौरव फोगाट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और साइबर अपराध में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 18 मई 2026 को एक व्यक्ति ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ ठगी की गई है।


ठगी की प्रक्रिया

ठगी की राशि का ट्रांसफर


गौरव फोगाट के निर्देश पर निरीक्षक अमित की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जनक (27 वर्ष), दिनेश कुमार (30 वर्ष) और पवन कुमार (26 वर्ष) के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि ठगी की राशि में से 15 लाख रुपये एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस खाते में चार मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड थे, जिनमें से एक नंबर दिल्ली में सक्रिय पाया गया।


पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथियों के निर्देश पर ठगी की राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करते थे। इसके बदले उन्हें 25 हजार रुपये महीने का वेतन और ठगी की राशि में से बोनस मिलता था। आरोपियों का संपर्क अन्य साइबर ठगों से टेलीग्राम के माध्यम से हुआ था और वे पिछले छह महीने से इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के पास से 36 मोबाइल फोन, 53 एटीएम कार्ड, विभिन्न बैंकों की 24 पासबुक, पांच चेकबुक, और दो आईपी कैमरे बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि ये आईपी कैमरे आमतौर पर सिम बॉक्स और साइबर अपराध की गतिविधियों की निगरानी के लिए उपयोग होते हैं। अब पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि उनके अन्य साथियों और पूरे साइबर ठगी नेटवर्क के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके।