गोवा के लिए नई वंदे भारत ट्रेन: यात्रा का नया अनुभव
नई ट्रेन सेवा का आगाज़
गोवा के खूबसूरत समुद्र तटों और बेंगलुरु की हलचल के बीच एक नई ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। यह ट्रेन पश्चिमी घाट की सुरम्य वादियों से होकर गुजरेगी, जिससे यात्रियों को दिन के समय यात्रा का आनंद मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने 30 अक्टूबर 2026 को एक पत्र जारी कर 26655/26656 यशवंतपुर-मडगांव वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दी है। इस ट्रेन का सेट भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) की तकनीक से तैयार किया गया है।
सुबह से रात तक गोवा की यात्रा
यशवंतपुर से ट्रेन संख्या 26655 सुबह 7:35 बजे रवाना होगी और रात 8:55 बजे मडगांव पहुंचेगी। इस यात्रा के दौरान ट्रेन श्रवणबेलगोला, हासन, सकलेशपुर, सुब्रह्मण्य रोड, कबाका पुत्तूर, मंगलुरु जंक्शन, उडुपी, कुंदापुरा, मूकांबिका रोड बिंदूर, मुरुडेश्वर, गोकर्ण रोड और कारवार जैसे कुल 12 स्टेशनों पर रुकेगी। मंगलुरु जंक्शन पर ट्रेन लगभग 10 मिनट के लिए रुकेगी।
वापसी यात्रा में समय की बचत
वापसी में ट्रेन संख्या 26656 मडगांव से सुबह 8:20 बजे निकलेगी और रात 9:15 बजे यशवंतपुर पहुंचेगी। इस यात्रा का कुल समय 12 घंटे 55 मिनट होगा, जो जाने के समय से 25 मिनट कम है। दोपहर 1:50 बजे मंगलुरु जंक्शन पर पहुंचकर ट्रेन 10 मिनट रुकेगी। दोनों दिशाओं के यात्री उसी दिन अपनी मंजिल तक पहुंच जाएंगे।
सप्ताह में एक दिन का विश्राम
यह वंदे भारत ट्रेन सप्ताह में छह दिन दोनों दिशाओं में चलेगी। यशवंतपुर से मडगांव जाने वाली ट्रेन बुधवार को नहीं चलेगी, जबकि मडगांव से यशवंतपुर आने वाली सेवा गुरुवार को बंद रहेगी। बाकी दिनों में यात्री इस ट्रेन में यात्रा कर सकेंगे, लेकिन रेलवे ने नियमित संचालन की तारीख और टिकट बुकिंग की जानकारी अभी तक साझा नहीं की है।
पुरानी ट्रेन का समापन
नई सेवा के शुरू होते ही मौजूदा 20645/20646 मडगांव-मंगलुरु सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस को बंद कर दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने अपने पत्र में इसका उल्लेख किया है। इस प्रकार, यशवंतपुर-मडगांव ट्रेन इस रूट पर मौजूदा ट्रेन की जगह लेगी। हासन, सकलेशपुर, उडुपी और कारवार जैसे शहरों के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
विद्युतीकरण से मिली सुविधा
इस ट्रेन की यात्रा का मार्ग घाट सेक्शन के विद्युतीकरण से सुगम हुआ है। बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर कार्य दिसंबर 2023 में शुरू होकर दिसंबर 2025 में पूरा हुआ और 28 दिसंबर 2025 को इलेक्ट्रिक इंजन का परीक्षण भी किया गया। इस दौरान पांच स्विचिंग स्टेशन बनाए गए, ओवरहेड सिस्टम स्थापित किया गया और सुरक्षा के लिए खंभों के बीच अधिकतम दूरी 67.5 मीटर रखी गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही मंगलुरु तक वंदे भारत ट्रेन चलाने की बात कह चुके थे।
