चंडीगढ़ की युवती को ऑनलाइन नौकरी के नाम पर 3.62 लाख रुपये का नुकसान
सोशल मीडिया पर बढ़ते धोखाधड़ी के मामले
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर पार्ट टाइम नौकरी और घर से कमाई के विज्ञापनों की संख्या में तेजी आई है। चंडीगढ़ की एक युवती ने ऐसे ही एक विज्ञापन पर भरोसा किया, जो उसके लिए महंगा साबित हुआ। साइबर ठगों ने उसे छोटे-छोटे कार्य देकर विश्वास में लिया और फिर अधिक कमाई का लालच देकर उससे 3.62 लाख रुपये ठग लिए। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि ऑनलाइन नौकरी के नाम पर फैल रहा धोखाधड़ी का जाल लोगों को लगातार निशाना बना रहा है।
इंस्टाग्राम पर धोखाधड़ी की शुरुआत
सेक्टर 40 डी की निवासी हरलीन कौर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पार्ट टाइम नौकरी का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करने के बाद उन्हें एक सरल कार्य दिया गया। गूगल मैप पर एक स्थान का रिव्यू करने के लिए उन्हें 180 रुपये का भुगतान किया गया। पहले कार्य पर पैसे मिलने से उन्हें लगा कि यह नौकरी वास्तविक है, और यहीं से ठगों ने उनका विश्वास जीत लिया।
टेलीग्राम ग्रुप में शामिल कर अधिक कमाई का लालच
पहला कार्य पूरा करने के बाद, युवती को मेगा लिमिटेड नामक एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। यहां उसे विभिन्न रेस्टोरेंट्स को पांच स्टार रेटिंग देने और छोटे ऑनलाइन कार्य करने के लिए कहा गया। कुछ समय बाद, ग्रुप में मौजूद सदस्यों ने उसे बताया कि यदि वह आर्डर टास्क में निवेश करेगी, तो उसे जल्द ही कई गुना अधिक पैसा वापस मिलेगा। यही लालच आगे चलकर बड़ी धोखाधड़ी का कारण बना।
धोखाधड़ी के तहत लाखों रुपये का ट्रांसफर
शुरुआत में युवती से 3000 रुपये जमा करवाए गए। इसके बाद विभिन्न बहानों से लगातार और पैसे जमा कराए जाते रहे। हर बार उसे आश्वासन दिया गया कि कार्य पूरा होने पर उसे पूरी राशि के साथ अच्छा मुनाफा भी मिलेगा। जब युवती ने अपने पैसे वापस निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने उसे बताया कि उसका अकाउंट फ्रीज हो गया है और और पैसे जमा करने का दबाव बनाया। इसी दौरान उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार बन चुकी है। शिकायत के अनुसार, 23 और 24 अप्रैल 2026 के बीच उससे कुल 3 लाख 62 हजार 782 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद, पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में जल्दी शिकायत दर्ज कराने से जांच में मदद मिलती है और कई बार धन की वापसी की संभावना भी बढ़ जाती है।
